यहां पर आपको पीएफ निकासी को लेकर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के नए नियम के बारे में बताएंगे।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने PF राशि की निकासी के नियमों में कई बदलाव किए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि नए नियम कर्मचारियों के हित में लिए गए हैं। एक ओर जहां फरवरी 2018 के आखिरी सप्ताह में EPFO ने पीएफ खाते से 10 लाख रुपए से अधिक की निकासी को ऑनलाइन दावा करना अनिवार्य कर दिया था। हालांकि बाद में इसमें बदलाव भी किया गया, तो वहीं अभी हाल ही में यह नियम आया है कि ईपीएफओ मेंबर 1 महीने तक बेरोजगार रहने की स्थिति में 75 प्रतिशत तक की राशि निकाल सकता है और इस तरह से वह अपने खाते को भी बरकरार रख सकते हैं।
तो आगे आपको बताएंगे कि बेरोजगार रहने, बीमारी, शादी, पढ़ाई और मकान बनवाने के लिए पीएफ के क्या नियम हैं और आप कितना पैसा निकाल सकते हैं।
नौकरी के चले जाने पर
अगर आपने नौकरी छोड़ दी है और आपके पास पहले से EPF खाता है तो आप नौकरी जाने के 1 महीने बाद बकाया राशि का 75 प्रतिशत पैसे निकाल सकते हैं। तो वहीं 2 महीने बाद 25 प्रतिशत हिस्सा आप निकाल सकते हैं। आगे आपको बताऐंगे की बीमारी में इलाज के लिए आप कितनी राशि निकाल सकते हैं।
बीमारी में इलाज के लिए
आपको बता दें कि कोई भी कर्मचारी अपने या परिवार में किसी के इलाज के लिए 6 महीने की बेसिक सैलरी और डाइट अलाउंस यानी कि DA निकाल सकता है या जितना भी उसका योगदान है, उसे निकाल सकता है, इसके लिए आपको अपनी कंपनी से जहां पर आप काम करते हैं और डॉक्टर के सिग्नेचर किया हुआ एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
शादी के लिए
परिवार के किसी भी सदस्य जैसे बच्चे, भाई, बहन या खुद की शादी के लिए पीएफ से 50 प्रतिशत पैसा निकाल सकते हैं लेकिन शर्त यह है कि आप कम से कम 7 वर्षों से EPFO के सदस्य हों। इस उद्देश्य के लिए यानि की शादी के लिए पैसे निकालने के लिए आपको फॉर्म 31 में घोषणा करने की जरुरत होगी।
घर या जमीन खरीदने के लिए
घर या जमीन खरीदने के लिए EPFO की सदस्यता कम से कम 5 साल की होनी चाहिए। जमीन खरीदने के आप DA और 24 महीने का मूल वेतन निकाल सकते हैं। घर या FLAT खरीदने या बनवाने के लिए डीए और 36 महीने की बेसिक सैलरी या ब्याज के साथ कंपनी और आपके द्वारा जमा की गई राशि निकाली जा सकती है।
बता दें कि इस सुविधा का लाभ कर्मचारी नौकरी के अपने पूरे कार्यकाल में केवल एक बार ले सकता है। कर्मचारी की घोषणा के अलावा इसके लिए अलग से किसी प्रमाण पत्र की जरुरत नहीं पड़ती है।
पढ़ाई के लिए
आपके बच्चों की 10 वीं के बाद की पढ़ाई के लिए EPF से ब्याज के साथ अपने हिस्से का 50 प्रतिशत हिस्सा निकाला जा सकता है। इसके लिए भी EPFO की कम से कम 7 वर्षों की सदस्यता जरुरी है। इस स्थिति में आपको संस्थान के द्वारा जारी पढ़ाई के खर्च से संबंधित प्रमाण पत्र जारी कराने की आवश्यकता होगी।
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