यहां पर आपको बताएंगे की आधार को आयकर की ई-वेबसाइट से लिंक करने के क्या फायदे हैं।

ई-फाइलिंग वेबसाइट में आधार को जोड़ने से करदाताओं के लिए फायदे हैं, डिजिटल इंडिया को अपने आधिकारिक हैंडल- @_DigitalIndia पर सूचित किया गया है। करदाता आईटीआर फाइलिंग को आसान बनाने के लिए अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) के आधार आधारित ई-सत्यापन का उपयोग कर सकते हैं। भारत के नागरिकों के लिए आधार संख्या के रूप में जाना जाने वाला आधार कार्ड जारी करने के साथ-साथ 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईडी) जारी करने के लिए भारत की विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) अनिवार्य है। उपयोगकर्ता अब आधार OTP का उपयोग कर अपने आयकर रिटर्न को तुरंत ई-सत्यापित कर सकते हैं।
ई-फाइलिंग वेबसाइट में आधार जोड़ने के लाभ:
1. उपयोगकर्ता आधार ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) का उपयोग करके रिटर्न/ फॉर्म और अन्य सबमिशन जैसे रिफंड री-इश्यू, ई-कार्यवाही को ई-वेरिफाई कर सकता है।
2. लिंकिंग आधार ओटीपी का उपयोग कर ई-फाइलिंग वॉल्ट उच्च सुरक्षा को सक्षम बनाता है।
3. उपयोगकर्ता आधार ओटीपी का उपयोग कर पासवर्ड रीसेट कर सकते हैं।
आधार का उपयोग कर आयकर रिटर्न (आईटीआर) को कैसे सत्यापित करें:
- आयकर की ई-फाइलिंग वेबसाइट में लॉग इन करें और 'आधार' लिंक पर क्लिक करें
- आधार के अनुसार आधार संख्या और पैन नंबर, नाम दर्ज करें
- 'लिंक आधार' पर क्लिक करें
- आयकर की ई-फाइलिंग वेबसाइट के माध्यम से आईटीआर अपलोड करें
- एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आधार के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा
- पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें
- एक संदेश प्रदर्शित किया जाएगा 'सफलतापूर्वक ई-सत्यापित वापसी' अब, पावती डाउनलोड करें। यह पावती पंजीकृत ईमेल आईडी पर भी भेजी जाएगी


Click it and Unblock the Notifications