अटल पेंशन योजना और नेशनल पेंशन सिस्‍टम दोनों में से कौन है बेहतर

यहां पर आपको बताएंगे कि अटल पेंशन योजना और नेशनल पेंशन सिस्‍टम के बीच क्‍या अंतर है साथ ही बताएंगे कि दोनों योजनाओं में से कौन सी योजना ज्‍यादा बेहतर है।

यदि आपने अभी तक इस वित्तीय वर्ष के लिए टैक्‍स पर इंवेस्‍टमेंट नहीं किया है तो यहां आपको दो योजनाओं के बारे में बताया जा रहा है जिसमें आयकर की धारा 80 सी के तहत आपको 1,50,0000 की सीमा से अधिक राशि पर कर लाभ मिल सकता है। आपके पास दो विकल्प हैं नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) दोनों ही सरकार द्वारा चलाई जाने वाली पेंशन योजनायें हैं एवं दोनों की ही अलग-अलग विशेषताएं हैं। जहां अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र पर केंद्रित है वहीं एनपीएस सबके लिए है। इसके अलावा प्रवेश आयु, कंट्रीब्‍यूशन, रिटर्न और कर लाभ भी अलग-अलग हैं। आर्थिक सलाहकार बताते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को उसकी आवश्यकता के अनुसार एवं उसे लाभ पहुंचाने वाली योजना को चुनना चाहिए। परन्तु यह निर्णय लेने के लिए दोनों पेंशन योजनाओं APY एवं NPS में आधारभूत अंतर जानना आवश्यक है।

यहां अटल पेंशन योजना (एपीवाय) और नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के बारे में 10 जरुरी बातें बताई गयी हैं:

यहां पर आपको सबसे पहले दोनों योजनाओं के बीच का अंतर बताएंगे-

1. आयु:

1. आयु:

अटल पेंशन योजना और नेशनल पेंशन स्‍कीम दोनों के लिए आवश्यक न्यूनतम आयु 18 वर्ष है। हालाँकि अधिकतम आयुसीमा अलग-अलग है। एनपीएस के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष है जबकि एपीवाय के लिए यह आयु सीमा 40 वर्ष है।

2. निवेश सीमा:

2. निवेश सीमा:

एनपीएस में अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। निश्चित पेंशन पाने के लिए एपीवाय पूर्व निर्धारित मासिक योगदान पर काम करता है जबकि एनपीएस में इच्छित पेंशन पाने के लिए निम्नतम मासिक भुगतान स्तर से प्रारंभ करना होता है। उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति जो 18 वर्ष की आयु से इस योजना में निवेश कर रहा है वह 42 सालों तक प्रतिमाह 210 रूपये जमा करके 5,000 रूपये प्रतिमाह की पेंशन प्राप्त कर सकता है।

3. न्यूनतम निवेश/कंट्रीब्‍यूशन:

3. न्यूनतम निवेश/कंट्रीब्‍यूशन:

एनपीएस में प्रतिमाह न्यूनतम 500 रूपये तथा पूरे वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 6,000 रूपये जमा करने होते हैं। सबस्क्राइबर को प्रति वित्तीय वर्ष में कम से कम 1 बार न्यूनतम योगदान करना होगा। एपीवाय में भुगतान के तीन प्रकार हैं: मासिक, त्रैमासिक और अर्द्ध वार्षिक। इसका अर्थ है कि प्रतिवर्ष न्यूनतम 2 भुगतान करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए कोई सबस्क्राइबर जिसने एपीवाय के लिए सबस्क्राइब किया है 60 वर्ष की आयु के बाद उसे 1000 रूपये पेंशन प्राप्त करने के लिए या तो प्रतिमाह 42 रूपये या 248 रूपये अर्द्धवार्षिक के हिसाब से भुगतान करने होंगे।

4. रिटर्न्स:

4. रिटर्न्स:

एपीवाय में पूर्व नियोजित रिटर्न होते हैं जिनकी सीमा 1,000 रूपये से 5,000 रूपये के बीच होती है (1,0000 के गुणक के रूप में)। हालाँकि एनपीएस के रिटर्न मार्केट से जुड़े होते हैं जिसका अर्थ है कि रिटर्न कई कारकों जैसे मार्केट की गतिविधि और प्रवेश का समय आदि पर आधारित होते हैं एवं ये अलग-अलग हो सकते हैं।

5. कौन सबस्क्राइब कर सकता है:

5. कौन सबस्क्राइब कर सकता है:

कोई भी व्यक्ति जिसे एपीवाय अकाउंट खोलना है उसका बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता होना आवश्यक है। एनपीएस भारत के सभी नागरिकों के लिए खुला है जिसमें एनआरआई भी शामिल हैं। हालाँकि एनपीएस के लिए रिकॉर्ड रखने वाली एजेंसी एनसीडीएल की ई गवर्नेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की वेबसाईट के अनुसार ओसीआई (ओवरसीज़ सिटीजंस ऑफ़ इंडिया) और पीआईओ (पर्सन ऑफ़ इन्डियन ओरिजन) कार्ड धारक तथा एचयूएफ (हिन्दू अनडिवाइडेड फेमेलीज़) एनपीएस अकाउंट नहीं खोल सकते।

6. लचीलापन:

6. लचीलापन:

एपीवाय आवेदक की आयु के आधार पर पूर्व परिभाषित योगदान कार्यक्रम के साथ आता है और इसमें पेंशन की एक निश्चित राशि मिलती है जो चुनी गयी स्लैब पर आधारित होती है। मार्केट से जुड़े होने के कारण एनपीएस आवेदक की प्राथमिकता के अनुसार अलग अलग परिसंपत्ति वर्गों में आवंटन संयोजित करने का विकल्प प्रदान करता है। इन परिसंपत्ति वर्गों में इक्विटी, कॉर्पोरेट ऋण और सरकारी प्रतिभूतियां शामिल हैं। हालाँकि एनपीएस "ऑटो चॉइस" विकल्प भी उपलब्ध करवाता है जो उन प्रतिभागियों के लिए है जो अपने पोर्टफोलियो को स्वयं समायोजित नहीं करना चाहते।

7. खाते के प्रकार:

7. खाते के प्रकार:

अटल पेंशन योजना में केवल एक ही प्रकार का खाता प्रदान करती है जबकि एनपीएस में दो तरह के खाते मिलते हैं: टियर I और टियर II. टियर I खाता गैर निकासी खाता है जिसमें सब्सक्राइबर 60 वर्ष की आयु के पहले पैसे नहीं निकाल सकता। टियर II अकाउंट स्वैच्छिक निकासी खाता है जिसमें निकासी पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इसके अलावा टियर II अकाउंट एक ऐड ऑन अकाउंट है जिसका अर्थ है कि ऐसा सब्सक्राइबर जिसने टियर I खाता सक्रिय है वह टियर II के रूप में दूसरा खाता खोल सकता है।

8. समयपूर्व निकासी:

8. समयपूर्व निकासी:

सेवानिवृत्ति विधि नियामक पीएफआरडीए की वेबसाइट pfrda.org.in.के अनुसार "केवल असाधारण परिस्थितियों में जैसे मृत्यु/ गंभीर बीमारी की स्थिति में" एपीवाय के सब्सक्राइबर को समयपूर्व निकासी की अनुमति मिलती है। आगे आपको अटल पेंशन योजना और नेशनल पेंशन स्‍कीम की समानताएं बताएंगे।

समानताएं

समानताएं

9. दोनों ही योजनाओं में व्यक्ति की उम्र 60 वर्ष होने के बाद ही पेंशन मिलती है।

10. एपीवाय में कर लाभ वैसे ही मिलता है जैसे एनपीएस या नेशनल पेंशन स्कीम में जिसका अर्थ है कि आयकर की धारा 80 सीसीडी (1बी) के तहत एपीवाय में किये गए निवेश में 50,000 रूपये तक की सीमा पर आयकर छूट का दावा किया जा सकता है तथा धरा 80 सी के तहत 1.5 लाख पर आयकर में छूट मिलती है। सबस्क्राइबर की मृत्यु होने की स्थिति में मासिक पेंशन उसके जीवनसाथी को मिलती है।

 

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