ज्यादातर लोग आजकल घर खरीदने या बनवाने के लिए होम लोन लेते हैं। पर क्या जानते हैं किस तरह से लिया गया होम लोन आपको कौन-कौन से टैक्स में छूट दिला सकता है। शायद नहीं जानते होंगे तो चलिए आपको बतातें होम लोन लेने का तरीका और आप टैक्स में छूट प्राप्त करने के तरीके के बारे में।
मूलधन पर कर लाभ
आप जितनी भी राशि का होम लोन लेते हैं उसे आपकी प्रिंसिपल और ब्याज यानि जो राशि आपने लोन ली है और लोन पर जितना ब्याज लगेगा, में बांट दिया जाता है और इसे हर महीने दी जाने वाली ईएमआई के रूप में जाना जाता है। मूलधन को आपकी सकल कुल आय से काट लिया जाता है। इसके लिए बैंक के पास आपकी सकल आय का पूरा विवरण होता है।
भुगतान किये जाने वाले ब्याज पर कर लाभ
भुगतान किया जाने वाला ब्याज, ‘सेल्फ-ऑक्यूपाइड' प्रॉपर्टी होती है जिसमें घर सम्पत्ति से होने वाली आय के तहत 2 लाख रुपए के भीतर ही अधिकतम कटौती होती है। यह आपकी कुल कर देयता को कम कर देती है। लेकिन इसे क्लेम करने के लिए, लोन लिये जाने वाले वर्ष से 5 वित्तीय वर्षों के भीतर ही निर्माण या अधिप्राप्ति पूरी हो जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो कटौती, 30 हजार तक सीमित हो जाएगी।
यदि आप कुछ शर्तों को पूरा करते हैं तो पहली बार घर खरीदने वालों को 50 हजार की अतिरिक्त कटौती स्वीकृत होगी। अगर आप अपनी सम्पत्ति को किराये पर उठाते हैं तो प्राप्त होने वाले किराये और नगरनिगम कर के बीच सांमजस्य, मानक कटौती और घर लोन पर ब्याज, आपका घाटा होगा।
उदाहरण के लिए, यदि वार्षिक किराया 5 लाख रुपए है तो सकल मूल्य के 30% (जो आम तौर पर किराए पर है) पर मानक कटौती पर विचार करने के बाद, 3.5 लाख का आपका नुकसान है।
वित्त अधिनियम 2017 के संशोधन के अनुसार, आप अपनी निश्चित सैलरी या अन्य आय के विपरीत सिर्फ 2 लाख तक के नुकसान को दिखा सकते हैं। बैलेंस (1.5 लाख का सरप्लस) आठ सालों के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, यह सिर्फ आपकी किराये की आय तक ही सेट किया जा सकता है।
होमलोन को अकेले क्यों नहीं लेना चाहिए, और अन्य उपयोगी बिंदु -
पति और पत्नी दोनों को टैक्स में मिलेगी छूट
कर में बचत करने के लिए अगर आप अपने पार्टनर यानि जीवनसाथी के साथ मिलकर इसे लेते हैं तो दोनों को ही कर बचत में इसका लाभ मिलेगा। अगर आपके परिवार में आपकी बेटी या बेटा भी वर्किंग हैं तो आप उनके बीच भी इस लोन को बांट सकते हैं। इस तरह लोन तीन हिस्सों में बंट जाएगा, और तीनों को ही इसका लाभ मिलेगा। एकल सम्पत्ति पर ही ऐसा लाभ प्राप्त होना संभव है।
निर्माणाधीन फ्लैट ही लें
आपको बता दें कि रेडी टू मूव फ्लैट यानि आप उनमें तुंरत जाकर रह सकते हैं, ऐसे फ्लैट या घरों की कीमत ज्यादा होती है। कोशिश करें कि आप बनने वाले या निर्माणाधीन फ्लैट को ही लें। ये सस्ते होते हैं और आपकी ईएमआई लम्बे समय के लिए डिवाइड होती है जिससे उसका लाभ दीर्घकाल तक मिलता है।
लोन का सर्टिफिकेट भी साथ रखें
किसी मालिक, दोस्त या प्राईवेट ऋणदाता से लोन लेने पर ब्याज, कटौती योग्य होता है लेकिन अगर ऋण लेने वाले से एक सर्टिफिकेट प्राप्त कर लेते हैं तो इसमें छूट मिल जाती है। ध्यान रखें कि मूल धन वापस, 80सी के तहत कटौती के लिए योग्य नहीं है।
मरम्मत और रखरखाव का खर्च पर
मरम्मत और रखरखाव के लिए किए गए खर्च को घर की संपत्ति से होने वाली आय से कटौती की अनुमति नहीं है। हालांकि, सकल मूल्य का 30% (जो सामान्यतः किराए से प्राप्त होता है) पर एक मानक कटौती की अनुमति दी जाती है, जो एक आउट-आउट हाउस प्रॉपर्टी की मरम्मत और रखरखाव के खर्चों की भरपाई करता है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष के दौरान भुगतान किए गए नगर निगम के करों को कटौती के रूप में अनुमति दी जाती है।
घर का कुछ हिस्सा किराए से दें
ये सबसे अच्छा विकल्प है कि आप अपने दूसरे घर को आईटी के उद्देश्य से किराये पर दें, क्योंकि घर पर लगने वाला कर आपको देना ही होगा, ऐसे में किराये पर लगने वाले कर को अदा करना ज्यादा सही विकल्प है।
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