सुरक्षित निवेश वो है जिसमें किसी तरह का कोई जोखिम न हो। ऐसे निवेश रिटायर्ड लोगों के लिए बेहतर हैं जो किसी प्रकार का कोई रिस्क नहीं चाहते हैं। ये एक सामान्य धारणा है कि यदि आप रिस्क नहीं लेंगे, तो अच्छे रिटर्न नहीं मिलेंगे। ये सच नहीं हैं, बाज़ार में ऐसे कई इनवेस्टमेंट प्लान हैं जो अच्छा फायदा देते हैं और टैक्स में फायदा भी मिलता है। बस तरीका चाहिए रिस्क फ्री प्लान ढूँढने का, क्या आपके लिए बेहतर है और क्या नहीं। उनमें से कुछ अच्छे रिटर्न्स देते हैं जब कि कुछ केवल ठीक-ठाक हैं।
भारत में कई रिस्क-फ्री इनवेस्टमेंट विकल्प उपलब्ध हैं। इन सब की अलग-अलग विशेषताएँ हैं तो आइए जानते हैं-
डाक घर जमा
ये 5 साल तक अलग-अलग समयावधि के होते हैं। जितने ज़्यादा समय के लिए निवेश होगा ब्याज उतना ही ज़्यादा होगा। 5 साल में 7.8% ब्याज के साथ बाज़ार में ये एक अच्छा विकल्प है। डाकघर जमा का फायदा ये हैं कि 5 साल की अवधि की हर जमा पर टैक्स में छूट मिलती है।
आरडी या आवर्ती जमा
जिन लोगों को निर्धारित मासिक वेतन मिलता है ये उनके लिए अच्छा विकल्प है। ये एफडी से ज़्यादा अलग नहीं हैं, लेकिन इसमें आप हर महीने व्यवस्थित तरीके से निवेश करते हैं। यह राशि जुड़कर बड़ी हो जाती है। लेकिन एफ़डी की तरह ही इनमें भी टैक्स में छूट नहीं मिलती है।
फिक्स्ड डिपॉज़िट
जब भी सुरक्षित निवेश की बात होती है तो फिक्स डिपॉजिट का ख्याल सबसे पहले आता है। ये बचत खाते की तुलना में ज़्यादा अच्छे रिटर्न देते हैं और 7-8% का ब्याज भी मिलता है। आपको ध्यान रखना चाहिए ये डिपॉजिट पूरी तरह टैक्सेबल हैं। इसका मतलब है कि आप जितना ज़्यादा टैक्स के दायरे में आते हैं, आपका रिटर्न उतना ही कम हो जाता है।
फ़िक्स्ड मेच्योरिटी प्लांस
फ़िक्स्ड मेच्योरिटी प्लांस(एफ़एमपी) एक क्लोज एंडेड स्कीम है जिसका अवधि एक महीने से पाँच साल फिक्स होती है। एफ़एमपी में आपकी पूंजी को मार्केट सिक्योरिटीज़ और डेब्ट्स में निवेश किया जाता है। इसकी एक निर्धारित परिपक्वता तिथि होती है। लेकिन इसमें निवेश करते समय आपको सावधान रहना चाहिए और AAA रेटिंग वाले एफ़एमपी प्लान में ही निवेश करना चाहिए।
कंपनी डिपोजिट्स
कंपनी डिपोजिट्स में बैंक डिपोजिट्स की तुलना में ज़्यादा जोखिम रहता है, लेकिन साथ ही इनमें ज़्यादा ब्याज और अच्छे रिटर्न्स भी मिलते हैं। कोई अनहोनी ना हो, इसके लिए AAA रेटिंग वाले प्लान ही लें। ये भी लंबे समय भी अधिक फायदा देते हैं।
डैब्ट म्युचुअल फंड
इसमें आपकी पूंजी केवल कॉर्पोरेट बॉन्डस और सरकारी प्रतिभूतियों में ही निवेश की जाती है। इनमें कोई निर्धारित समयावधि नहीं होती है। आप एक पैनल्टी देकर अपनी राशि वापस ले सकते हैं। कम ब्याज दर के कारण इस तरह के जमा में लंबे समय का प्लान लेना बेहतर है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड
ये लंबे समय की डिपॉज़िट स्कीम्स हैं जो कि सुरक्षित हैं और8-9% का आकर्षक ब्याज दर भी देती हैं। आप इनमें एक साल में कम से कम 500 रुपए से अधिकतम 1,50,000 रुपए निवेश कर सकते हैं। इसमें आपको लोन, निकासी और अकाउंट एक्सटेंशन जैसी कई सुविधाएं भी मिलती हैं। इनमें से कई प्लांस में काफी अच्छे रिटर्न्स हैं और टैक्स में छूट भी मिलती है।
निवेश आपकी वित्तीय सुरक्षा की ज़रूरत को पूरा करने के लिए है। इससे ना केवल आपका पैसा इकट्ठा होता है, बल्कि जब आपकी नियमित आमदनी हो रही हो उस समय बचत करने का अच्छा तरीका भी है। परिणामस्वरूप, रिटायर होने पर आपके लिए यह एक अतुलनीय विकल्प बनता है ताकि आप उस समय भी सिर उठा के जी सकें।


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