हाल ही में केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती की है। ये कटौती 0.2 फीसदी की है। अब सरकार के इस फैसले से वो लोग जरुर निराश हुए होंगे जिन्होंने इन योजनाओं में निवेश किया था। उनके मन में एक सवाल ये भी बार-बार आ रहा होगा कि आखिर ऐसी निवेश योजनाओं में पैसा लगाएं या फिर टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड्स में निवेश करें?
फिलहाल तीन ऐसी प्रमुख योजनाएं हैं जिसमें लोग ज्यादा निवेश करते हैं। इसमें से पहली है सुकन्या संमृद्धि योजना, दूसरी है पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और तीसरी है, राष्टीय बचत पत्र या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट। यहां हम आपको एक जानकारी जरूर देना चाहेंगे कि ये तीनों योजनाएं टैक्स सेविंग का फायदा देती हैं और निवेश के लिहाज से सुरक्षित रहती हैं।
पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड)
PPF निवेश योजना में सरकार ने ब्याज दरों को 0.2 फीसदी तक घटा दिया है, जिसके बाद अब इस योजना में निवेश करने वाले लोगों को 7.6 फीसदी की ब्याज दर के साथ रिटर्न मिलेगा। पहले इस योजना में 7.8 फीसदी का रिटर्न मिलता था। पीपीएफ खाते की खास बात ये है कि इसमें आप 100 रुपए की मामूली रकम के साथ खाता शुरु कर सकते हैं।
पीपीएफ खाते के लाभ
आपका पीपीएफ खाता सुचारु रुप से चलता रहे इसके लिए आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि प्रति वर्ष खाते में कम से कम 500 रुपए का निवेश हो, और ये निवेश अगले 15 वर्ष तक चलता रहे, अगर आपने नियम का पालन नहीं किया तो आपका पीपीएफ खाता बंद हो सकता है। इसमें निवेश के लिए भी सीमा है, कोई भी निवेश कर्ता अपने खाते में एक साल में अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक जमा कर सकता है, वहीं पीपीएफ खाता शुरु करने के बाद आप 7 साल तक उसमें से पैसा नहीं निकाल सकते हैं।
सुकन्या संमृद्धि योजना
केंद्र सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है सुकन्या संमृद्धि योजना। ये योजना पूरी तरह से बालिकाओं को ध्यान में रख कर शुरु की गई है। हाल ही में इस योजना की ब्याज दर में भी कटौती की गई है, अब सुकन्या संमृद्धि योजना में 0.2 फीसदी की कटौती के बाद 8.1 फीसदी की ब्याज दर पर रिटर्न मिलेगा, इससे पहले सुकन्या संमृद्धि योजना पर रिटर्न 8.3 फीसदी था।
सुकन्या संमृद्धि योजना से लाभ
सुकन्या संमृद्धि योजना में निवेश करने के लिए आपको बेटी के जन्म के 10 साल के अंदर ही उसका खाता खुलवाना होगा। इसके बाद अगले 14 साल तक कम से कम आपको 1000 रुपए सालाना प्रीमियम के तौर पर सुकन्या संमृद्धि खाते में जमा करना होगा। पीपीएफ की तरह इस योजना में भी आप एक साल में सिर्फ डेढ़ लाख रुपए ही अधिकतम जमा कर सकते हैं। इस योजना की खास बात ये है कि लड़की के बालिग या फिर 21 के हो जाने के बाद उसकी शादी होने तक ये खाता खुला रहेगा। शादी होने के बाद ये खाता बंद कर दिया जाएगा। लड़की के 18 साल के हो जाने के बाद आप उसकी पढ़ाई के लिए खाते से 50 फीसदी रकम निकाल सकते हैं।
राष्टीय बचत पत्र या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर घटाने की लिस्ट में राष्टीय बचत पत्र या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट भी शामिल है। राष्ट्रीय बचत पत्र में 0.2 फीसदी की कटौती की है। अब राष्ट्रीय बचत पत्र पर आपको 7.6 फीसदी की दर ब्याज मिलेगा।
राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश से लाभ
राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश करने वाला व्यक्ति अपना टैक्स बचा सकता है, ये एक टैक्स सेविंग स्कीम है। राष्ट्रीय बचत पत्र बॉन्ड खरीदने की कोई सीमा नहीं है, इसमें 1 लाख रुपए तक के निवेश पर आप आयकर के अधिनियम 80C के तहत टैक्स बचा सकते हैं। राष्ट्रीय बचत पत्र के बॉन्ड्स की कीमतों में अब 2012 के बाद उछाल आया है। अब राष्ट्रीय बचत पत्र के बॉन्ड 100 रुपए की बजाय 147.61 रुपए में खरीदे जा सकते हैं।


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