आज कल हर कोई इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद रहा है। ऐसे में लोगों को मिस गाइड करते हुए कभी-कभी एजेंट गलत इंश्योरेंस पॉलिसी भी बेच देते हैं। ऐसी पॉलिसी आपके किसी काम की नहीं रह जाती है। गलत पॉलिसी को लेकर बीमा नियामक आयोग की ओर से कई प्रावधान किए गए हैं। जिसके अंतर्गत आप बीमा कंपनी के खिलाफ इसके खिलाफ मामला दर्ज करवा सकते हैं, लेकिन इसमें बहुत लंबा समय लगता है।
फ्री लुक पीरियड
गलत इंश्योरेंस पॉलिसी को लेकर अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो इसका आसान तरीका है फ्री लुक पीरियड। फ्री लुक पीरियड को आप ठीक उसी तरह से मान सकते हैं जिस तरह ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से फ्री लुक पीरियड सुविधा मिलती है।
इस तरह मिलती है फ्री लुक पीरियड
फ्री लुक पीरियड पॉलिसी डॉक्यूमेंट मिलने के 15 दिनों तक होता है। ऑनलाइन पॉलिसी खरीदने पर फ्री लुक पीरियड 30 दिन होता है। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में 3 साल से ज्यादा की पॉलिसी खरीदने पर ही ये सुविधा मिलती है। पॉलिसी डॉक्यूमेंट मिलने की तारीख साबित करना पॉलिसी होल्डर की जिम्मेदारी होती है।
पॉलिसी डॉक्यूमेंट को ध्यान से देंखें
पॉलिसी डॉक्यूमेंट आपके पास इसीलिए भेजी जाती है कि जिससे आप अपनी पॉलिसी को ठीक प्रकार से पढ़ लें, उसकी बातों को समझ लें, यदि वह आपके लिए फायदेमंद है तभी आगे निवेश करें। फिर भी अगर आपको लगता है कि पॉलिसी आपके काम की नहीं है तो उसे आप वापस कर सकते हैं।
याद रखने योग्य बातें
1-पॉलिसी होल्डर को पॉलिसी डॉक्यूमेंट का लिफाफा फ्री लुक पीरियड तक संभालकर रखना चाहिए।
2-फ्री लुक पीरियड सिर्फ नई पॉलिसी लेने पर लागू होता है, रिन्युअल पर नहीं लागू होता है।
3-फ्री लुक पीरियड में पॉलिसी लौटाने पर प्रीमियम का रिफंड मिल जाता है।
कंज्यूमर को बताना होता है कि पॉलिसी लौटाने की वजह क्या है।
4-रिफंड में से इंश्योरेंस कंपनी अपने खर्च घटा देती है जिससे मेडिकल जांच, स्टांप ड्यूटी का खर्च आदि शामिल होता है।
5-यूलिप प्रीमियम का रिफंड एनएवी के मुताबिक होता है।


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