कुछ ऐसे शेयर्स हैं जिनका मूल्य 100 रूपये से भी कम है और उन्हें खरीदना लाभदायक है। यदि आपके पास 2-3 वर्ष का समय है तो इन्हें अवश्य खरीदें। यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि इन शेयर्स में जब तक आप अपनी स्थिति बनाते हैं तब तक 100 रूपये से कम कीमत के ये शेयर अस्थिर हो जाते हैं। अत: खरीदने से पहले सावधानी बरतें और अपना एक लक्ष्य निर्धारित करें। उदाहरण के लिए यदि आप देखते हैं कि किसी स्टॉक की कीमत 82 रूपये है तो आपको इसकी कीमत और अधिक कम होने का इंतज़ार करना चाहिए। स्टॉक को खरीदने की जल्दी न करें। पूरे समय कीमत का ध्यान रखें। यहाँ कुछ ऐसे ही स्टॉक के बारे में बताया गया है।
एमआरपीएल
यदि आप सब कुछ छोड़कर केवल लाभांश पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो आप महसूस करेंगे कि मैंगलोर रिफाइनरीज़ एंस पेट्रोकेमिकल्स (एमआरपीएल) आपको 5 प्रतिशत का लाभांश देते हैं। जब ऐसा होता है तो शेयर्स की कीमतों में गिरावट की संभावना काफी कम होती है। इसके अलावा अगले तीन वर्षों में एमआरपीएल के शेयर्स की कीमतें बढ़ेगी। कंपनी ने दो प्रमुख प्रोजेक्ट्स के लिए योजनायें बनाई हैं जिसमें रिफाइनरी का उन्नयन और इसकी क्षमता का विस्तार 15 एमएमटीपीए से 25 एमएमटीपीए करना शामिल है। यह ऐसी कंपनी है जो आसुत उत्पन्न को बढ़ा सकती है और कच्चे तेल की अधिक मात्रा को भी संभाल सकती है। इन सभी से सकल रिफाइनिंग मार्जिन को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है।
उचित मूल्यांकन
मूल्यांकन के अनुसार एमआरपीएल का स्टॉक बहुत सस्ता है। वर्ष 2019 तक कंपनी 16 रूपये प्रति ईपीएस रिपोर्ट कर सकती है। इसका अर्थ यह है कि वर्तमान में 122 रूपये के मौजूदा बाज़ार मूल्य के मुकाबले यह स्टॉक केवल 7.6 गुना प्रति इक्विटी पर उपलब्ध है। बुक करने की कीमत भी 1.8 गुना कम है तथा 2019 में बुकिंग का मूल्य 66.5 हो जाएगा। बाज़ार की कमज़ोर स्थिति के कारण निरंतर 130 रूपये से ऊपर कारोबार करने वाले इस स्टॉक की कीमत 122 रूपये पर आ गयी है। अत: दीर्घावधि लाभ के लिए यह स्टॉक उचित है। हालाँकि यह स्टॉक 100 रूपये से कम नहीं है परन्तु यदि यह 110 रूपये तक गिरता है तो इसे खरीदा जा सकता है।
ट्राईडेंट
ट्राईडेंट कंपनी पेपर, होम टेक्सटाइल, यार्न, एनर्जी और केमिकल्स के निर्माण से जुडी हुई है। 30 जून 2017 को समाप्त हुए पहले तिमाही में कंपनी पेपर और केमिकल के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है और इनके मार्जिन में भी सुधार आया है। टेक्सटाइल के भी ईबीआईटी मार्जिन में सुधार आया है। इस स्टॉक के बारे में दूसरी अच्छी बात यह है कि कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी लगातार 65% बनी हुई है। जैसे जैसे आर्थिक विकास होगा वैसे वैसे पेपर और केमिकल बिजनेस के भी मज़बूत होने की संभावना है।
ट्राईडेंट: मूलभूत रूप से बहुत अधिक महंगा नहीं
ट्राईडेंट 98 रूपये पर कारोबार कर रहा है और 100 रूपये से कम कीमत वाले स्टॉक को ख़रीदने की दृष्टि से उत्तम है। ऐसा इसलिए क्योंकि बाज़ार की प्रतियोगिता को देखते हुए स्टॉक बहुत महंगा नहीं है। वास्तव में इस समय में 100 रूपये से कम कीमत का स्टॉक मिलना बहुत मुश्किल है। कंपनी की बुनियादी बातों को देखते हुए वर्ष 2018-19 के लिए कंपनी 10 रूपये प्रति ईपीएस रिपोर्ट कर सकती है। इसका अर्थ है कि कंपनी के लिए कमाई का अनुपात 98 रूपये के मौजूदा स्तर पर बहुत अधिक महंगा नहीं है। वास्तव में यह 10 गुना से कुछ नीचे है जो मौजूदा स्तर पर स्टॉक को बहुत अधिक महंगा नहीं बनाता है।
गीतांजली जेम्स
गीतांजली ग्रुप (जीजी) न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध शीर्ष एकीकृत आभूषण निर्माता हैं। इस समूह के कुछ विशेष ब्रांड्स गिली, अस्मि आदि हैं। वास्तव में जीजी के स्वयं के लगभग 75 ब्रांड्स हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई देशों में उनके रिटेल हैं जहाँ उनके 120 स्टोर हैं और 500 रिटेलर हैं।
200 स्टोर
इस समूह के 200 स्टोर हैं और 150 फ्रेंचाइजी शॉप्स हैं। वास्तव में पिछले कुछ तिमाही में हमने गीतांजलि जेम्स की कमाई में कुछ सुधार देखा है। वास्तव में कंपनी ने 5% लाभांश की घोषणा भी की है। गीतांजलि जेम्स का अंकित मूल्य 380 रूपये है और स्टॉक केवल 64 रूपये से प्रस्तुत किया जा रहा है जो अंकित मूल्य का केवल 0.17 गुना है। यह बहुत ही अनसुना है जबकि सेंसेक्स 32,000 पॉइंट्स तक जा रहा है।
गीतांजलि जेम्स एक अच्छा विकल्प
जो लोग जोखिम उठाना चाहते हैं उनके लिए गीतांजलि जेम्स एक अच्छा विकल्प है। 64 रूपये के साथ इसके और अधिक कम होने की उम्मीद बहुत कम है। स्टॉक प्रति इक्विटी पर सात गुना की दर से केवल एक वर्ष की अग्रिम कमाई पर उपलब्ध है। 100 रूपये से कम के शेयर्स खरीदने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।
आईडीएफसी बैंक
आईडीएफसी द्वारा प्रोन्नत यह निजी क्षेत्र का एक बैंक है। यदि आप बहुत अधिक दीर्घ अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं जैसे 5 वर्ष के लिए तो इस स्टॉक से आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। बैंक के आंकड़े अच्छे हैं तथा 31 मार्च 2017 को तिमाही समाप्ति के दौरान कुल गैर निष्पादक संपत्ति सिर्फ 3 प्रतिशत थी और शुद्ध एनपीए 1.14 प्रतिशत थी। निजी क्षेत्र के अधिकाँश बैंकों को इस तरह के एनपीए पर भारी छूट प्राप्त होती है। वर्ष 2017 के लिए आईडीएफसी बैंक का ईपीएस 3 रूपये था। इसका अर्थ यह है कि शेयर की कीमत वर्तमान में 57 रूपये हो गयी है जो लगभग 18 गुना है। यह उचित है तथा देश के अन्य बैंकों की तुलना में लगभग बराबर है। हालाँकि यदि आपका लक्ष्य दीर्घावधि निवेश और शुद्ध मुनाफा तथा ईपीएस में बढ़त है तो आने वाले सालों में आप इस स्टॉक में आसानी से दोहरीकरण देख सकते हैं। वर्तमान में इसमें निवेश करना बुरा नहीं है।
त्रिवेणी इंजीनियरिंग
चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं और इसके साथ ही शुगर के स्टॉक की कीमत भी। त्रिवेणी इंजीनियरिंग भारत की बड़ी शुगर कंपनियों (चीनी की कंपनी) में से एक है तथा इसके अलावा यह हाई स्पीड गियर्स, गियरबॉक्स और वॉटरट्रीटमेंट सॉल्यूशंस में भी आगे है। शुगर के स्टॉक की कीमत बढ़ रही है जिसके कारण चीनी की कीमत भी बढ़ रही है। त्रिवेणी शीर्ष कंपनियों में से एक है और चीनी की बढ़ती हुई कीमतों से इसे लाभ होने की संभावना है।
इक्विटी पूंजी
कंपनी की इक्विटी पूंजी बहुत छोटी है और 31 मार्च, 2017 के तिमाही समाप्ति में कंपनी ने 2.22 रूपये ईपीएस की सूचना दी थी। वित्तीय वर्ष 9.06 में कंपनी ने 9.06 रूपये ईपीएस की सूचना दी थी जिसने स्टॉक को वर्तमान स्तर 78 रूपये तक पहुंचा दिया।
लाभ का अनुपात
वास्तव में, इस पर होने वाले लाभ का अनुपात बाज़ार में इसकी मौजूदा कीमत 78 रूपये का 8 गुना है। यदि चीनी के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो त्रिवेणी इंजीनियरिंग के शेयरों में आप अच्छे उछाल की अपेक्षा कर सकते हैं। इस तरह त्रिवेणी इंजीनियरिंग के रूप में आप अपने पोर्टफोलियो को एक स्वीटनर दे सकते हैं।
स्मॉल कैप स्टॉक्स
स्मॉल कैप स्टॉक्स की सूची जिन्हें आप खरीद सकते हैं: पिछले कुछ लेखों में हमने आपको कुछ स्मॉल और मिड कैप स्टॉक्स के बारे में बताया था जिन्हें आप खरीद सकते हैं। इनसे आने वाले वर्षों में अच्छे रिटर्न्स (लाभ) मिलने की संभावना है।
100 रूपये से कम कीमत के शेयरों पर कराधान
यह बात जानना महत्वपूर्ण है कि यदि एक साल से पहले लाभ पर आप अपने शेयर्स बेचते हैं तो आपको कर अदा करना होगा और तब यह बात कोई मायने नहीं रखती कि शेयर की कीमत 100 रूपये से कम है अथवा नहीं।
अल्पावधि पूंजीगत लाभ कर
यदि आप एक वर्ष से पहले अपने शेयर्स बेचते हैं तो इन शेयरों पर अल्पावधि पूंजीगत लाभ कर लागू होता है। दूसरी ओर यदि आप एक वर्ष के बाद अपने शेयर्स बेचते हैं तो कोई कर नहीं लगता। तो शेयर्स को बेचने से पहले आपको यह बात ध्यान में रखनी चाहिए।
कर का भुगतान
आपको यह सलाह दी जाती है कि यदि आप बहुत बड़ी राशि का निवेश कर रहे हैं तो उस पर लगने वाले कर का भुगतान आप कर सकते हैं। कुछ ऐसे अफवाहें हैं कि वर्ष 2017-2018 के केंद्रीय बजट में पूंजीगत लाभ पर लगने वाले कर के मापदंडों में बदलाव लाने पर विचार किया जा रहा है। अभी तक हमारे पास ऐसी कोई खबर नहीं है। इसके लिए आपको इंतज़ार करना होगा।
अस्वीकरण
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