शायद आप यह पहली बार सुन रहे हों कि छात्र यात्रा का भी बीमा होता है, लेकिन यह कोई नई इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं है। छात्र यात्रा बीमा पहले से हो रहा है बस इसके बारे में छात्रों और उनके पैरेंट्स को जागरुकता नहीं है। कई छात्र तो इसे आम यात्रा बीमा समझते हैं तो वहीं कई छात्र इसे न लेने की भूल कर बैठते हैं। तो वहीं ज्यादातर छात्र यह बीमा पॉलिसी लेते ही नहीं हैं। जो कि उनके लिए एक बड़ा फायनेंशियल लॉस साबित हो सकता है।
यहां पर आपको हम छात्र यात्रा बीमा के बारे में विस्तार से समझाने की कोशिश करेंगे-
इस तरह छात्र यात्रा बीमा है अलग
यात्रा बीमा आप सिर्फ उतने दिन और समय के लिए ले सकते हैं जितने समय में आप यात्रा कर रहे होते हैं उसके बाद यात्रा बीमा खत्म हो जाती है। तो वहीं छात्र यात्रा बीमा का सिलसिला यात्रा शुरु होने से लेकर तब तक चलता है जब तक छात्र पढ़ाई करके वापस नहीं आ जाता है। यानी कि छात्र जब तक परदेश में रहते हैं तब तक उन्हें सुरक्षा देता है।
छात्र यात्रा बीमा की विशेषताएं
- मृत्यु स्थिति में सुरक्षा
- दुर्घटना की वजह से विकलांगता से सुरक्षा
- माता या पिता दोनों में किसी एक के बीमार हो जाने, चोट लग जाने, विकलांग हो जाने और मृत्यु की स्थिति में पढ़ाई के लिए फीश देने का कार्य करता है।
- आपातकालीन हेल्थ इंश्योरेंस प्रदान करता है
- बीमारी की वजह से वापस अपने देश आने पर मदद देता है
- यात्रा में समान खोने और देरी पर पहुंचने पर भरपाई
- पासपोर्ट के खाने पर कवर प्रदान करता है
बीमा लेने से पहले ध्यान रखें इन बातों का
कभी-कभी ऐसा होता है कि आपके कॉलेज और यूनिवर्सिटी की खुद की भी बीमा पॉलिसी होती है जिसके कारण आप बाहर से कोई दूसरी पॉलिसी नहीं ले सकते हैं। इसलिए आप इस चीज का पता लगाकर रखिए। साथ ही अपने देश यानी कि इंडिया को छोड़ने से पहले छात्र यात्रा बीमा की पॉलिसी ले लें एवं जिस देश में जाने वाले हैं वहां पर जाकर भी कोई साधारण सी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ले सकते हैं।
याद रखने हेतु महत्वपूर्ण बातें
छात्र बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले छात्र की उम्र 16-35 साल होनी चाहिए। अगर छात्र को नशीली दवाओं को लेने की लत है, कोई दिमागी बीमारी है तो ऐसे हालात में नवीनीकरण प्रीमियम के भुगतान द्वारा दायरे में लिए जाने का प्रावधान है। अगर बीमा पॉलिसी खत्म होने वाली हो तो आप अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करके पॉलिसी की अवधि को बढ़ा भी सकते हैं।
कवरेज और प्रीमियम
ऐसी पॉलिसी की मैच्योरिटी 1 दिन से लेकर दो साल तक ही होती है। इस दौरान 50 हजार डॉलर से 5 लाख डॉलर तक का कवरेज दिया जाता है। पॉलिसी का प्रीमियम पढ़ाई के स्थान पर निर्भर करता है। आमतौर पर दूसरे देशों की तुलना में अमेरिकी कॉलेज के लिए ज्यादा प्रीमियम देना पड़ता है। स्थान, स्कीम, कवर और छात्र की उम्र के मुताबिक ऐसी पॉलिसी का प्रीमियम 4,000 से लेकर 24,000 रुपए के बीच हो सकता है।
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