अगर आपके नोट में ये कमियां हैं तो नहीं लेंगे बैंक

नोटबंदी के बाद से कई लोगों को पुरानी नोटों को बैंक में वापस करने में दिक्‍कत हुई थी। वही परेशानी फिर हो सकती है क्‍योंकि लगातार नई नोट आ रही हैं और पुरानी नोट बंद हो रही हैं। ऐसे में पुरानी नोटों को बैंक के पास वापस जमा कराना होता है, लेकिन ऐसे कई कारण हैं जिसकी वजह पुरानी नोट वापस नहीं होती है जिसका घाटा आम लोगों को होता है।

आपको यहां पर हम बताएंगे कि नोट बदलने को लेकर रिजर्व बैंक ने आपको कौन-कौन से अधिकार दिए हैं, किस तरह के नोट बदले जा सकते हैं और किस तरह के नोट नहीं बदले जा सकते हैं?

राजनीतिक नारा या संदेश आदि लिखे हुए नोट

राजनीतिक नारा या संदेश आदि लिखे हुए नोट

यदि किसी नोट के एक सिरे से दूसरे सिरे तक कोई नारा अथवा राजनीतिक प्रकृति का संदेश लिखा हो तो यह कानूनी तौर पर मान्‍य मुद्रा नहीं रह जाती है और ऐसे नोटों को निरस्‍त कर दिया जाएगा। इसी प्रकार विरुपित किए गए नोट भी कैंसिल किए जा सकते हैं।

जानबूझकर काटे गए नोट

जानबूझकर काटे गए नोट

यदि एक्‍सचेंज रेट पाने के लिए नोट जानबूझकर काटे गए या बेईमानी से फेर-बदल किए जाते हैं तो नोट निरस्‍त कर दिए जाते हैं। ऐसे नोटों को ध्‍यान से देखने पर यह स्‍पष्‍ट हो जाता कि यह कार्य जानबूझकर धोखा देने के लिए किया गया है, क्‍योंकि ऐसे नोटों को जिस प्रकार से काटा या विरुपित किया जाता है, उसमें नोटों के आकार और गायब हुए टुकड़ों में एकरुपता देखने को मिलती है। यानी, ये नोट किसी खास जगह पर ही विकृत होते हैं, खासकर जब बड़ी मात्रा में नोट बदलने के लिए दिए जाते हैं।

मुहर लगे नोट

मुहर लगे नोट

ऐसे कटे-फटे नोट जिन पर भारतीय रिजर्व बैंक के किसी भी कार्यालय या किसी बैंक शाखाा की 'भुगतान करें', 'भुगतान किया' या निरस्‍त की मुहर लगी हो तो ऐसे नोटों को दोबारा नहीं बदला जा सकता है। बैंक शाखाओं को हिदायत दी गई है कि वो अपने ग्राहकों को सावधान कर दें कि वे किसी बैंक या व्‍यक्ति से ऐसे नोट न लें।

बिल्‍कुल खस्‍ताहाल, जले, टुकड़े-टुकड़े, चिपके हुए नोट

बिल्‍कुल खस्‍ताहाल, जले, टुकड़े-टुकड़े, चिपके हुए नोट

ऐसे नोट जो बहुत ही खस्‍ताहाल हो या बुरी तरह से जल गए हों, टुकड़े-टुकड़े हो गए हों अथवा आपस में बुरी तरह से चिपक गए हों और इस वजह से वे अब सामान्‍यतया उठाने रखने लायक न रह गए हों तो बैंक शाखाओं में ऐसे नोट नहीं बदले जाएंगे, बल्कि इन्‍हें बदलने का फैसला एक विशेष प्रक्रिया के अंतर्गत होता है।

जनता के लाभ और सहूलियत के लिए नोट बदलने की सुविधा देने की दृष्टि से बैंकों की सभी शाखाओं को भारतीय रिजर्व बैंक नियमावली, 2009 के नियम 2 (ज) के अंतर्गत कटे-फटे दोषपूर्ण/बैंक नोटों की फ्री में बदलने के अधिकार दिए गए हैं। आगे जानें, कैसे-कैसे नोट बदले जा सकते हैं-

 

गंदे नोट

गंदे नोट

गंदा नोट उस नोट को माना जाता है जो सामान्‍य रुप से बहुत अधिक इस्‍तेमाल किए जाने के कारण गंदा हो गया हो। उस नोट को भी गंदा माना जाता है जिसे दो टुकड़ों को चिपकाकर बनाया गया हो जिसमें प्रस्‍तुत नोट के दोनों टुकड़े एक ही नोट के हैं और नोट में सभी आवश्‍यक विशेषताएं मौजूद हैं। ऐसे नोटों को अगर सरकारी देनदारी चुकता करने के लिए या बैंक के काउंटरों पर अपने खातों में जमा करने के लिए लाए जाएं तो ये स्‍वीकार किए जाएंगे।

विरुपित नोट

विरुपित नोट

विरुपित नोट उसे कहते हैं जिसका एक हिस्‍सा गायब हो अथवा जिसे दो टुकड़ों से अधिक टुकड़ों से बनाया गया हो। विरुपित नोटों को किसी भी बैंक की शाखा में जमा किया जा सकता है।

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