इंडिया में माना जाता है कि कर्नाटक राज्य के बैंगलुरु शहर में सबसे ज्यादा सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स जॉब करते हैं। साथ ही यह भी माना जाता है कि यहां पर इन्हें आईटी कंपनियों के द्वारा सबसे ज्यादा सैलरी भी प्रदान की जाती है लेकिन यह बात बिलकुल भी सही नहीं है। जिस हिसाब से बांकी देशों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को सैलरी मिलती है उसके हिसाब से यहां के इंजीनियरों की सैलरी बहुत ही कम है। आपको यहां पर हम बताएंगे की किस प्रकार से बैंगलुरु के टेकीज की सैलरी कम है।
स्टॉर्ट-अप के हिसाब से टॉप 20 में शामिल है बैंगलुरु
भारत का बैंगलुरु शहर स्टार्ट-अप के लिहाज से टॉप 20 में शामिल है। लेकिन यहां के सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को इसका इतना ज़्यादा फायदा नहीं मिल रहा है। 2017 ग्लोबल स्टार्टअप ईकोसिस्टम रिपोर्ट के अनुसार बैंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर सबसे कम सालाना सैलरी पाते हैं।
सबसे ज़्यादा सैलरी
रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज़्यादा औसत वार्षिक सैलरी 1,12,000 डॉलर है जो कि सिलिकोन वैली, केलिफोर्निया के सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की है।
सबसे कम सैलरी
बैंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की औसत वार्षिक सैलरी 8,600 डॉलर है जो कि सिलिकोन वैली के सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स से 13 गुना कम है।
कारण
TheNewsMinute.com के अनुसार बैंगलुरु में सस्ते सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स उपलब्ध होने के कारण यूएस के बहुत से स्टार्टअप्स यहां आ गए हैं।
आधार
20 स्टार्टअप ईकोसिस्टम इन पांच पैरामीटर्स के आधार पर निर्धारित किए गए हैं - परफ़ोर्मेंस, फंडिंग, मार्केट रिसर्च, टेलेंट और अनुभव। स्टार्टअप्स के कुल नंबरों में से 9 नॉर्थ अमेरिका में स्थापित हुये हैं, 6 यूरोप में और 5 एशिया में हैं।
केवल बैंगलुरु
हालांकि ग्लोबल इंडेक्स में बैंगलुरु 15 वें से 20 वें स्थान पर आ गया है, लेकिन यह शहर भारत का अग्रणी स्टार्टअप हब है। पिछले अनुमान के अनुसार शहर में 1800-2300 एक्टिव स्टार्टअप्स हैं।


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