GST: उपभोक्ता को “किंग” बनाने की कवायद
उपभोक्ता संरक्षण कानून अधिनियम 1986 देश भर में लागू है। तब से इसके जरिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों को उपभोक्ताओं के संरक्षण में खड़े होने का हक मिला हुआ है।
गुड्स एंड सर्विस टैक्सेज (GST) यानी "एक भारत-एक कर"। इसको दूसरी आर्थिक क्रांति कहा जा रहा है। जीएसटी की व्यवस्था को स्थिर करने का काम जारी है। इसके जरिए हम नवविकासवाद की ऊंचाईयों का स्पर्श करने जा रहे हैं। कर वसूली की सुदृढ व्यवस्था करने का एक मकसद उपभोक्ता को "किंग" बनाना भी है। इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम हो रहा है। उपभोक्ता खुद को तब ही किंग यानी सहुलियत वाली अवस्था में महसूस करेगा जब सरकार उचित, सटीक और मानक मापतौल वाला सामान मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। केंद्र सरकार का यह प्रयास पहली जनवरी 2018 तक पूरी तरह से लागू हो जाएगा।
{photo-feature}


Click it and Unblock the Notifications