उम्र बढ़ने के साथ आपके लिए नौकरी ढूढ़ना भी मुश्किल होता है। ऐसा लगता है कि हायरिंग का रुझान अब युवाओं खासतौर पर 35 साल से कम के उम्मीदवारों को लेकर है।
उम्र बढ़ने के साथ आपके लिए नौकरी ढूढ़ना भी मुश्किल होता है। ऐसा लगता है कि हायरिंग का रुझान अब युवाओं खासतौर पर 35 साल से कम के उम्मीदवारों को लेकर है। नौकरी पाना आजकल एक बहुत बड़ा लक्ष्य बन चुका है। लेकिन किस उम्र के हिसाब से कौन सी नौकरी ज्यादा बेहतर है इसका अंदाजा लगा पाना कोई ज्यादा मुश्किल काम नहीं है। भले आपके पास 8-10 साल तक का अनुभव है पर टेक्नोलॉजी और बिजनेस के माहौल में जिस तेजी के साथ बदलाव हो रहा है उसमें अनुभव का बहुत ज्यादा अहम नहीं रह गया है।
20-30 साल की उम्र में नौकरी की खोज
इस दौर में नौकरी खोजने को लेकर सबसे बड़ी चुनौती बिना किसी अनुभव के अच्छा मौका तलाशने की होती है। चाहे आप इंटरर्नशिप करें, दोस्त या परिवार के बिजनेस के लिए काम करें उसका अनुभव आप अपने पास रखें। अगर आप यह मौका चूक गए हैं तो कोई बात नहीं, ग्रेजुएशन के बाद भी इस बाबत शुरूआत करना देर नहीं माना जाएगा। पहली बार में ही अच्छा ब्रेक हासिल करने को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करें। 5 साल के पीरियड और अलग-अलग तरह का अनुभव हासिल करने पर फोकस करें। ज्यादा से ज्यादा जोखिम उठाएं क्योंकि यही वो उम्र है जब आप जोखिम उठा सकते हैं।
30-40 साल में कैसी हो खोज
इस आयु वर्ग के लोगों को मौजूदा जॉब सर्च के लिए नहीं बल्कि बाद के लिए प्लानिंग करनी चाहिए। आप इस समय कई तरह के अनुभव और स्किल हासिल कर चुके होते हैं। अब आपको यह देखना होता है कि आप अपने कॅरियर को कैसी दिशा दें, ताकि आप आने वाले दशक में हाई इनकम ग्रेड में शामिल हो सकें। आप इस दौर में प्रोफेशनल और पर्सनल स्थिरता भी खोजते हैं। मुश्किल वक्त के लिए कुछ महीनों की बचत तैयार रखें, जॉब सर्च के लिए हर सप्ताह 6-8 घंटे दें और हर इंटरव्यू और बातचीत से कुछ सीखें और उसका आनंद उठाए
40-50 आयु वर्ग में
ज्यादातर प्रोफेशनल्स के लिए कमाई और उमर के लिहाज से यह सबसे प्रॉडक्टिव और असरदार दशक होता है। आपको अपने एंप्लॉयर के सामने खुद को यह साबित करने की चुनौती होती है कि आप अपनी लागत के लायक हैं। ऐसे अवसरों की पहचान करें, जिसके जरिये आप अपनी छाप छोड़ सकते हैं। अपने कॅरियर की प्रगति की कहानी तैयार करें। ऐसा रीज्यूम तैयार करें, जो आपसे संबंधित विषय की विशेषज्ञता, आपके ब्रैंड और आपकी काबिलियत को सही तरीके से बयां करता है।
50-60 आयु वर्ग के लोगों के लिए
एंप्लायर्स को आशंका होती है कि 50-60 की उम्र में उम्मीदवारों के पास जरुरी उर्जा, प्रेरणा, बौद्धिक सक्रियता और युवा लोगों के साथ काम करने की क्षमता नहीं होगी। साथ ही, ऐसी एंप्लॉयीज महंगे भी साबित हो सकते हैं। लिहाजा, आपका मकसद इस गलतफहमी को दूर करना होना चाहिए, ताकि आपको नई जॉब हासिल करने का उचित मौका मिल सके। गंभीर तरीके से लिंक्वड प्रोफाइल तैयार करना सीखें और प्रोफेशनल एरर-फ्री ऐसा रीज्यूम तैयार करें, जो एक पेज से ज्यादा का नहीं है।
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