SBI: FD तोड़ने पर लगेगा जुर्माना, बदल गए ये 13 नियम

अगर आप एसबीआई खाता धारक हैं तो आपको ये जरूर जानना चाहिए कि आखिर SBI कहां-कहां और किन-किन बातों के लिए पेनल्टी लगाता है।

आजकल SBI का विज्ञापन टीवी पर खूब चल रहा है, जिसकी पंच लाईन है 'बड़े बैंक के बड़े फायदे'। विलय के बाद एसबीआई दुनिया के 50 बड़े बैंकों में शुमार हो गया है और वह 46वें स्थान पर काबिज है। ये तो एसबीआई का एक पहलू था अब जरा दूसरे पर पहलू पर भी नजर डाल लेते हैं। हाल ही में एसबीआई ने बैंको में मिनिमम अमाउंट (न्यूनतम राशि) रखना अनिवार्य कर दिया है वहीं फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले (प्री-मेच्योर FD) तोड़ने या निकालने पर पेनल्टी लगाने का प्रवाधान है। अगर आप एसबीआई खाता धारक हैं तो आपको ये जरूर जानना चाहिए कि आखिर SBI कहां-कहां और किन-किन बातों के लिए पेनल्टी लगाता है।

FD तोड़ने पर पेनल्टी

FD तोड़ने पर पेनल्टी

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से निकासी करने पर पेनल्टी के नियमों में बदलाव किया है। एक करोड़ तक की एफडी पर दो कटैगरी बनाई गई है। इन कटैगरी के तहत 0.50% और 1% पेनल्टी देनी होगी। अब तक बैंक सभी तरह के एफडी पर 1% पेनल्टी लेता था। ये पेनल्टी समय से पहले एफडी की निकासी लगेगा, नया नियम एक अप्रैल से लागू हो गया है।

ऐसे समझें नियम

ऐसे समझें नियम

एसबीआई में फिक्स्ड डिपॉजिट पर पेनल्टी का नियम पहले से है। आप पेनल्टी के नियम को इस तरह से समझें- मान लीजिए अगर आपने 1-2 साल के लिए 8.5 फीसदी की ब्याज दर पर फिक्स्ड डिपॉजिट लिया है और आप उस फिक्स्ड डिपॉजिट को 3 महीने के अंदर ही निकाल रहे हैं तो आपको फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा राशि पर 1 फीसदी जुर्माना देना होगा।

FD तोड़ने पर अलग-अलग जुर्माना

FD तोड़ने पर अलग-अलग जुर्माना

एसबीआई के नए नियम के तहत यदि कोई व्यक्ति पांच लाख रुपए तक की एफडी कराता है, तो एफडी के मेच्योर होने से पहले निकासी करने पर 0.50% तक पेनल्टी देनी पड़ेगी। इसी तरह 5 लाख से अधिक और एक करोड़ से कम की एफडी से निकासी करने पर 1% पेनल्टी देनी होगी। यह नए नियम नई एफडी और उसकी रिन्युअल पर लागू होंगे। इससे अलावा भी कई नियम एक अप्रैल से बदल चुके हैं।

विलय किए गए बैंकों पर भी लागू होगा जुर्माना

विलय किए गए बैंकों पर भी लागू होगा जुर्माना

ये शुल्क एसबीआई के पांच पूर्व एसोसिएट बैंक तथा भारतीय महिला बैंक के ग्राहकों पर भी लागू होंगे। इन बैंकों का स्टैट बैंक में विलय एक अप्रैल से प्रभाव में आ गया। विलय के बाद एसबीआई ग्राहकों की संख्या बढ़कर 37 करोड़ हो गई है।

न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर भी लगेगा जुर्माना

न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर भी लगेगा जुर्माना

अब मासिक आधार पर छह महानगरों में एसबीआई की शाखा में औसतन 5,000 रुपए रखने होंगे। वहीं शहरी और अर्ध-शहरी शाखाओं के लिए क्रमश: न्यूनतम राशि सीमा 3,000 रुपए और 2,000 रुपए रखी गई है। ग्रामीण शाखाओं के मामले में न्यूनतम राशि 1,000 रुपए तय की गई है।

कितना लगेगा जुर्माना?

कितना लगेगा जुर्माना?

एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार एसबीआई के बचत खाताधारकों को मासिक आधार पर न्यूनतम राशि को अपने खाते में रखना होगा, ऐसा नहीं होने पर उन्हें 20 रुपए (ग्रामीण शाखा) से 100 रुपए (महानगर) देने होंगे। बैंक में 31 मार्च तक बिना चेक बुक वाले बचत खाते में 500 रुपए और चेक बुक की सुविधा के साथ 1,000 रुपए रखने की आवश्यकता थी, हालांकि सुरभि, मूल बचत खाता और प्रधानमंत्री जनधन योजना खातों में यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग जुर्माना

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग जुर्माना

मासिक औसत शेष यानी एमएबी शुल्क बैंक शाखा की जगह के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। ग्रामीण शाखाओं के मामले में यह न्यूनतम रह सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस संबंध में बैंकों को अनुमति दे दी है। ये शुल्क 1 अप्रैल से लागू हो गए हैं।

ATM से पैसा निकालने पर कब लगेगा शुल्क

ATM से पैसा निकालने पर कब लगेगा शुल्क

एसबीआई खुद के एटीएम से तब कोई शुल्क नहीं लगाएगा जबकि संबंधित व्यक्ति के खाते में 25,000 रुपये से अधिक बकाया रहता है। वहीं खाते में 1 लाख रुपए से अधिक बकाया रहने पर स्टेट बैंक ग्राहक यदि दूसरे बैंकों के एटीएम से कितनी भी बार निकासी करता है तो कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

SMS अर्लट के लिए 15 रुपए का चार्ज

SMS अर्लट के लिए 15 रुपए का चार्ज

डेबिट कार्डधारकों से एसएमएस अलर्ट भेजने के लिए एसबीआई हर तिमाही 15 रुपए का शुल्क लेगा जो त्रैमासिक आधार पर औसत 25,000 रुपए की बकाया राशि खाते में रखते हैं। बैंक यूपीआई के माध्यम से 1,000 रुपए तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लेगा।

नगद जमा-निकासी 3 बार से अधिक करने पर लगेगा शुल्क

नगद जमा-निकासी 3 बार से अधिक करने पर लगेगा शुल्क

देश के सबसे बड़े बैंक ने महीने में 3 बार बचत खाताधारकों को बिना शुल्क के नकद धन जमा कराने की अनुमति दी है। इसके बाद नकदी के प्रत्येक लेनदेन पर 50 रुपए का शुल्क और सेवाकर ग्राहकों को देना होगा। चालू खातों के मामले में यह शुल्क अधिकतम 20,000 रुपए भी हो सकता है।

शुल्क के अलावा सर्विस टैक्स भी लगेगा

शुल्क के अलावा सर्विस टैक्स भी लगेगा

एसबीआई के संशोधित शुल्कों की सूची के अनुसार खातों में मासिक औसत बकाया (एमएबी) रखने में नाकाम रहने पर 100 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और इस पर सेवाकर भी देय होगा। शहरी क्षेत्र के खाताधारकों के खाते में यदि न्यूनतम राशि 5,000 रुपए का 75% होगी तो 100 रुपए का शुल्क और सेवाकर जुर्माना स्वरूप देना होगा। यदि यही बकाया न्यूनतम राशि के 50% अथवा उससे भी कम है तो ऐसी स्थिति में बैंक 50 रुपए और सेवाकर वसूलेगा।

बैंक लॉकर का किराया भी बढ़ा

बैंक लॉकर का किराया भी बढ़ा

इसके अलावा बैंक ने लॉकर किराया भी बढ़ा दिया है। साथ ही एक साल में लॉकर के उपयोग की संख्या भी कम कर दी है। 12 बार उपयोग करने के बाद ग्राहक 100 रुपए के साथ सेवा कर देना होगा। चेक बुक के मामले में चालू खाताधारकों को एक वित्त वर्ष में 50 चेक मुफ्त मिलेंगे। उसके बाद उन्हें चेक के प्रति पन्ने के लिए तीन रुपए देने होंगे। इस प्रकार, 25 पन्नों वाले चेक बुक के लिए उन्हें 75 रुपए के साथ सेवा कर देना होगा।

5वीं बार के बाद देना होगा शुल्क

5वीं बार के बाद देना होगा शुल्क

एसबीआई के बचत खाते में अगर 25,000 रुपए बना रहता है तो संबंधित ग्राहक असीमित बार एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि पांच बार से अधिक एटीएम के उपयोग करने पर ग्राहक को शुल्क देना होगा।

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