58 फीसदी लोगों का मानना है कि वित्तमंत्री अरुण जेटली को आयकर सीमा में छूट को बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक कर देना चाहिए।
मध्यमवर्ग पर पड़ रही टैक्स की मार को इस बार के आम बजट में थोड़ी ढील दी जा सकती है। नोटबंदी के बाद से देश में कैशलेस भुगतान तेजी से बढ़ा है और इस तरह के भुगतान पर भुगतान शुल्क भी शुरु हो गया है। ऐसे में लोगों की सरकार से उम्मीद है कि वह टैक्स स्लैब को बढ़ा दे।

समाचार चैनल आजतक ने टैक्स कंसल्टेंट डिलॉइट के सर्वे के हवाले से खबर प्रकाशित की है कि 58 फीसदी लोगों का मानना है कि वित्तमंत्री अरुण जेटली को आयकर सीमा में छूट को बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक कर देना चाहिए।
वहीं विशेषज्ञों का भी अनुमान है कि इस बजट में सरकार कार्पोरेट टैक्स और इन्कम टैक्स में छूट दे सकती है। आपको बता दें कि साल 2017 का बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा।
इससे पहले सरकार ने आयकर सीमा को दो लाख रुपए तक बढ़ा कर 2.5 लाख रुपए तक कर दिया था। 2014-15 के बजट में महिला और पुरुष दोनों के लिए आयकर में छूट की सीमा को 2.5 लाख कर दिया गया था।


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