भारतीय रेलवे को लेकर ग्लोबल रिसर्च एंड रेटिंग कंपनी क्रिसिल ने अपनी रिसर्च पेश की है जिसमें दावा किया गया है कि भारतीय रेलवे आगामी पांच सालों में 6.7 ट्रिलियन रुपए का कारोबार करेगा।
1 फरवरी 2017 को आम बजट पेश किया जाएगा। मोदी सरकार ने इस बार के आम में ही रेलवे बजट को भी जोड़ कर दिया है, अब रेलवे बजट अलग से पेश नहीं किया जाएगा। वहीं भारतीय रेलवे को लेकर ग्लोबल रिसर्च एंड रेटिंग कंपनी क्रिसिल ने अपनी रिसर्च पेश की है जिसमें दावा किया गया है कि भारतीय रेलवे आगामी पांच सालों में 6.7 ट्रिलियन रुपए का कारोबार करेगा।
1.3 ट्रिलियन रुपए रेलवे को दिए जाएंगे
रिसर्च के मुताबित बजट 2017 में सरकार रेलवे के लिए 1.3 से 1.4 ट्रिलियन तक का फंड का एलान कर सकती है जिसके जरिए रेलवे के प्रोजेक्ट को जल्दी पूरा किया जा सकेगा और यह लगभग 6.7 ट्रिलियन के कारोबार का अवसर देगा।
दुनिया का सबसे बड़ा कारोबार, पर चीन से कम
जनसत्ता ऑनलाइन ने रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि, रिसर्च का यह भी दावा है कि रेलवे कारोबार में ऐसा अवसर दुनिया भर में अब तक का सबसे बड़ा कोराबार साबित हो सकता है लेकिन फिर भी यह चीन का मुकाबला नहीं कर सकेगा। वहीं रिसर्च का यह दावा भी है कि अगर रेलवे को 1.3 से 1.4 ट्रिलियन रुपए तक का फंड आवंटित किया जाता है तो 2015 से बीते 5 सालों तक का ढाई गुणा ज्यादा तक का आवंटन हो सकता है।
जल्दी प्रोजेक्ट्स पूरा करने के लिए ज्यादा बजट
रिपोर्ट के बारे में क्रिसिल रिसर्च के सीनियर डायरेक्टर प्रसाद कोपकर ने बताया कि ग्रोस बजट सपोर्ट मुख्य रूप से नेटवर्क के एक्सपैंशन की दिशा में काम करेगा जिसके के लिए ज्यादा रकम आवंटित की जाएगी और प्रॉजेक्ट्स को जल्द पूरा किया जाएगा।
2020 तक रेलवे होगी दुरुस्त
वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एलआईसी द्वारा रेलवे दिया गया लोन भी विद्युतिकरण और डबल ट्रैक्स बनाने जैसे कामों में निवेश बढ़ाने का काम करेगा। वहीं 2020 तक रेलवे नेटवर्क में कंजेशन को कम किया जाएगा।
कोट बनेंगे बेहतर, बढ़ेगा रेलवे का मुनाफा
कंजेशन कम करने के लिए रेलवे लाइन्स बढ़ाई जाएंगी जिससे रेलवे को लगभग 2.4 ट्रिलियन रुपए का कारोबारी मौका मिलने की उम्मीद है। वहीं रेल लोकोमोटिव और कोचों को भी बेहतर बनाया जाएगा जो रेलवे को लगभग 1.1 ट्रिलियन रुपए के कारोबार का मौका दे सकता है।


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