ऐसी आशा की जा रही है कि 1 फरवरी 2017 को अरुण जेटली देश के आम करदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए आयकर की सीमा में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकते हैं।
8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद प्रत्येक व्यक्ति 2017 के यूनियन बजट (केंद्रीय बजट) की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहा है। यह बजट वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा 1 फरवरी 2017 को प्रस्तुत किया जाएगा। इस वर्ष के बजट में कई लोकप्रिय नीतियों की अपेक्षा की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार आगामी बजट में कैश बैन के दर्द से राहत दिलाने के लिए आम आदमी को कुछ लाभ प्रदान किये जा सकते हैं। वर्ष 2017-2018 के यूनियन बजट से ये पांच प्रमुख अपेक्षाएं हैं-
आयकर की सीमा
ऐसी आशा की जा रही है कि 1 फरवरी 2017 को अरुण जेटली देश के आम करदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए आयकर की सीमा में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकते हैं। वर्तमान में आयकर की सीमा 2.5 लाख रूपये है और ऐसी आशा की जा रही है कि सरकार इसकी सीमा 4 लाख रूपये तक कर सकती है।
कैशलेस को बढ़ावा
वर्ष 2017 का बजट नोटबंदी के बाद पहला बजट है। यही कारण है कि ऐसी आशा की जा रही है कि इसमें कैशलेस लेनदेन को अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। कार्ड से भुगतान पर छूट, टोल बूथ पर कार्ड से भुगतान करने पर छूट, पीओएस मशीन पर डेबिट कार्ड का उपयोग करने पर व्यापारी छूट दर आदि पहले से लागू कर दिया गया है। क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और मोबाईल वॉलेट्स एप्स के माध्यम से लोग कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दें इसके लिए 2016-2017 के बजट में कई अतिरिक्त लाभ प्रदान किये जाने की उम्मीद है। भुगतान बैंकों के माध्यम से बैंकिंग के लिए भी लाभों की घोषणा की अपेक्षा की जा रही है।
रियल एस्टेट
जीडीपी में प्रमुख योगदान देने वाला रियल एस्टेट सेक्टर पिछले वर्ष कमज़ोर रहा। रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट (आरईआरए) और नोटबंदी के कारण इस क्षेत्र को बहुत नुकसान हुआ। कैश की कमी के कारण खरीददार, बिक्रीकर्ता और निर्माणकर्ता सभी को समस्या का सामना करना पड़ा। आयकर की दर में राहत, वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए एचआरए की कटौती सीमा में बढ़त, निर्माण सामग्री की कीमतों के मानकीकरण के लिए उपाय आदि की अपेक्षा बजट में की जा रही है।
होम लोन (गृह ऋण)
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाय) की घोषणा की गयी। सभी को घर उपलब्ध करवाना सरकार का प्रमुख मुद्दा है अत: सभी लोग यह अपेक्षा कर रहे हैं कि बजट में करों में कुछ रियायतें दी जायेंगी। आवास ऋण पर दिए जाने वाले ब्याज भुगतान के लिए कर कटौती में वृद्धि की उम्मीद है। 2016-2017 के यूनियन बजट में वार्षिक 2 लाख रूपये से अधिक के ब्याज भुगतान पर करों में लाभ को बढ़ाने के लिए कुछ रियायतों की घोषणा भी की जा सकती है ताकि उद्योगों और कर दाताओं को सहायता मिल सके।
किसानों के लिए राहत
नए नोटों की पर्याप्त मात्रा न होने के कारण नोटों की कमी हो गयी और किसान अपनी रबी की फसल नहीं बेच पाए। ऐसी अपेक्षा की जा रही है कि नोटबंदी के कारण जो किसान प्रभावित हुए उन्हें उनके दर्द के मुआवज़े के लिए कुछ अतिरिक्त लाभ प्रदान किये जायेंगे। कैशलेस लेनदेन की पहुँच गाँवों तथा किसानों तक आसान बनाने के लिए कई उपायों की अपेक्षा भी की जा रही है। इससे बीज, खाद तथा खेती के लिए आवश्यक अन्य सामग्री खरीदना आसान हो जाएगा।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

SEBI के नए बायबैक नियम लागू: अब ओपन-मार्केट में निवेश से पहले जान लें ये 5 बड़े बदलाव

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?



Click it and Unblock the Notifications