25 दिसंबर से आधार आधारित कैशलेस पेमेंट योजना को शुरू किया जाएगा। इस आधार पेमेंट ऐप के जरिए भुगतान करने पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड के लिए मास्टर कार्ड और वीजा को दिए जाने वाले शुल्क का भुगतान भी नहीं
केंद्र सरकार नोटबंदी के फैसले के बाद आधार कार्ड को और ज्यादा धार देने जा रही है। आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर भले ही सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा हो पर इसी आधार कार्ड के जरिए अब सरकार डिजिटल पेमेंट करने की योजना बनाने जा रही है। समाचार पोर्टल इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक अब केंद्र सरकार अब एक आधार पेमेंट ऐप लाने वाली है। माना जा रहा है कि अब इस आधार पेमेंट ऐप के जरिए ही लोग डिजिटल पेमेंट कर पाएंगे। इस कार्ड के आने के बाद लोगों को एटीएम कॉर्ड और प्वांइट ऑफ सेल की जरूरत नहीं होगी।
25 दिसंबर से लागू होगी योजना
खबर के मुताबिक इस 25 दिसंबर से आधार आधारित कैशलेस पेमेंट योजना को शुरू किया जाएगा। इस आधार पेमेंट ऐप के जरिए भुगतान करने पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड के लिए मास्टर कार्ड और वीजा को दिए जाने वाले शुल्क का भुगतान भी नहीं करना पड़ेगा। इस आधार पेमेंट ऐप को डाउनलोड करने के लिए एक स्मॉर्ट फोन की जरूरत होगी।
व्याापरियों के लिए कैशलेस मर्चेंट ऐप
इसके साथ ही कारोबारियों और व्याापरियों को कैशलेस मर्चेंट ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद बॉयोमेट्रिक रीडर कार्ड को बॉयोमेट्रिक रीडर से जोड़ना होगा। बाजार में इस बॉयोमेट्रिक रीडर 2,000 रुपए की कीमत तक मिल जाएगा।
ग्राहकों के लिए आधार पेमेंट एप
ग्राहकों को इस सेवा का फायदा लेने के लिए आधार पेमेंट ऐप के लिए अपना आधार नंबर डालकर संबंधित बैंक का चुनाव करना होगा। इस आधार पेमेंट ऐप की खासियत है कि इसमें बायोमेट्रिक स्कैन पासवर्ड के रूप में काम करेगा। यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मुताबिक अभी देश भर में सिर्फ 40 करोड़ आधार नंबर बैंक के खातों से जुडें हुए हैं।
सरकार का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि, 31 मार्च, 2017 तक सभी आधार कार्ड को आपके बैंक खातों से जोड़ दिया जाए। आधार पेमेंट ऐप का निर्माण आईडीएफसी बैंक ने यूआईडीएआई और नेशनल पेमेंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर किया है। इस आधार पेमेंट ऐप के बारे में देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद को इस बावत डेमो दिया जा चुका है।


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