पीएम मोदी नहीं बल्कि इनके सुझाव से बंद हुए 500-1000 रुपए के नोट

पढ़िए अनिल बोकिल के बारे में जिनके सुझाव से आज देश में कालाधन एक बार में ही खत्म हो गया।

उनके बारे में जानने से पहले एक दिलचस्प वाकया जान लीजिए। वो जाने-माने अर्थशास्त्री हैं, वो मैकेनिकल इंजीनियर हैं और वह भ्रष्टाचार रोकने के लिए इकोनॉमिक एडवाइजरी बॉडी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार रोकने और कालाधन खत्म करने के लिए 2014 में राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी दोनों लोगों से मुलाकात की थी। राहुल गांधी के साथ उनकी मुलाकात के बारे में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई थी, जिसे बारे में आगे बताएंगे लेकिन उससे पहले मिलिए अनिल बोकिल से जिनके सुझाव से आज देश में कालाधन एक बार में ही खत्म हो गया।

अनिल बोकिल ने दिया था सुझाव

अनिल बोकिल ने दिया था सुझाव

8 नवंबर अब भारतीय हिस्सा इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। 8 नवंबर की शाम प्रधानमंत्री राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। कालाधन रखने वालों और भष्ट्राचारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि आम जनता को भी थोड़ी परेशानी हुई लेकिन वह इस फैसले का स्वागत कर रही है। जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थशास्त्री और इंजीनियर अनिल बोकिल के सुझाव पर गौर किया जिसके बाद इस फैसले से देश को अवगत कराया।

लोकसभा चुनावों से पहले मोदी से की थी मुलाकात

लोकसभा चुनावों से पहले मोदी से की थी मुलाकात

2014 में लोकसभा चुनाव से पहले अनिल बोकिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने अर्थक्रांति के दल के साथ मुलाकात की थी। उस वक्त पीएम मोदी ने उन्हें लगभग 10 मिनट का वक्त दिया था लेकिन जब अनिल बोकिल ने मोदी के सामने कालाधन खत्म करने और भ्रष्टाचार पर कड़ा अंकुश लगाने और जाली मुद्रा को रोकने पर अपना प्रजेंटेशन दिया तो पीएम मोदी से उनकी मुलाकात का दौर 2 घंटे तक चला। बताया जा रहा है कि पीएम ने अनिल बोकिल के सुझावों पर अमल करते हुए ये कदम उठाया है।

कौन हैं अनिल बोकिल

कौन हैं अनिल बोकिल

अनिल बोकिल महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मैकेनिकल इंजीनियर हैं और वह अर्थक्रांति संस्था के वरिष्ठ सदस्यों में से एक हैं। अनिल बोकिल का जीवन बेहद सादगी पूर्ण है और वह कभी इस बात का दिखावा नहीं करते कि वह सादगीपूर्ण जीवन जी रहे हैं। उन्होंने औरंगाबाद में कई सफल प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया है और सामाजिक-आर्थिक विकास पर कई सेमिनारों में अपनी राय रखी है।

क्या है अर्थक्रांति

क्या है अर्थक्रांति

अर्थक्रांति संस्था एक इकोनॉमिक एडवाइजरी बॉडी है। इसमें सीए, इंजीनियर्स समेत कई बौद्धिक सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हैं। इस दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कालाधन खत्म करने, जाली नोट रोकने और भ्रष्टाचार कम करने के लिए जो सुझाव दिए थे वह बहुत ही कारगर बताए गए हैं।

क्या था सुझाव

क्या था सुझाव

संस्थान सुझाव दिया था कि सरकार इंपोर्ट ड्यूटी छोड़कर 50 से ज्यादा तरह के टैक्स समाप्त करे जिससे ईमानदारी से कमाई करने वाले लोगों की खरीद क्षमता में इजाफा होगा। संस्था ने 100 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक के सभी बड़े नोट बंद करने के लिए सरकार को सुझाव दिया था। नगद निकासी की सीमा तय की जाए और इसके लिए किसी तरह का टैक्स ना लगाया जाए।

50 से ज्यादा तरह के टैक्स खत्म होने से क्या होगा

50 से ज्यादा तरह के टैक्स खत्म होने से क्या होगा

इससे नौकरी के जरिए ईमानदारी से कमाई करने वाले लोगों के पास ज्यादा पैसा होगा, जिससे उनकी खरीद क्षमता बढ़ेगी। संस्था ने सुझाव दिया था कि, पेट्रोल डीजल, एफएमसीजी समेत सभी कमोडिटीज 30 से 50 फीसदी तक सस्ती हो जाएंगी। बिजनेस सेक्टर में उछाल आएगा और देश में नए रोजगार शुरू होंगे।

राहुल गांधी से हुई थी दिलचस्प मुलाकात

राहुल गांधी से हुई थी दिलचस्प मुलाकात

अर्थक्रांति का दल अनिल बोकिल की अगुवाई में 2014 में राहुल गांधी से भी मिलने गया था लेकिन राहुल गांधी ने संस्था को महज 15 सेंकेड का वक्त दिया था। फर्स्टपोस्ट नामक समाचार पत्र की रिपोर्ट की माने तो जिस मुद्दे पर अनिल बोकिल अर्थक्रांति संस्था के साथ पीएम मोदी से मिलने गए थे उसी मुद्दे पर उन्होंने पहले राहुल गांधी से मुलाकात की थी लेकिन मुलाकात में राहुल गांधी ने जब वक्त नहीं दिया तो वह बीजेपी के पास गए और नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

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