शुरुआती निवेश के लिहाज से फिक्स्ड डिपॉजिट को सबसे बेहतर निवेश माना गया है। ज्यादार लोग अपने निवेश की शुरुआत फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्टमेंट करके करते हैं। हाल ही में रिजर्व बैंक ने नई मौद्रिक नीति जारी की है जिसमें रेपो रेट .25 अंक घटाया गया है। ऐसे में अगर आपको फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना है तो जल्दी करें, क्योंकि रिजर्व बैंक की घोषणा के बाद बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में कमी कर सकते हैं।
रेपो रेट में कटौती
रिजर्व बैंक ने बीते 4 अक्टूबर को मौद्रिक नीति पेश की जिसमें रेपो रेट में 0.25 फीसदी कमी की गई है। रेपो रेट वह दर होती है जिस दर पर रिजर्व बैंक, बैंको को पैसा है। इसी आधार पर बैंक भी अपनी ब्याज दरों में कमी कर सकते हैं। रेपो रेट में कटौती से बैंको की आय में कमी आ सकती है इसलिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और रेकरिंग डिपॉजिट पर कमी कर सकते हैं।
अभी कितना ब्याज दे रहे हैं बैंक
इस वक्त बैंक करीब 7.5 फीसदी की ब्याज दर पर फिक्स्ड डिपॉजिट का ऑफर दे रहे हैं। आने वाले वक्त में इस ब्याज दर में कटौती हो सकती है। SBI की फिक्स्ड डिपॉजिट पर मौजूदा ब्याज दर 7.25 फीसदी है। ये ब्याज दर दो से तीन साल तक के लिए है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक (PNB) 7.15 फीसदी की दर से फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दे रहा है।
BOB की ब्याज दर सबसे ज्यादा
एक अन्य बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा एसबीआई और पीएनबी से अधिक ब्याज दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.50 फीसदी की दर से ब्याज दे रहा है। फिक्स्ड डिपॉजिट पर यह ब्याज 3 से लेकर पांच साल तक के निवेश पर दिया जाता है।
निजी क्षेत्र के बैंको की ब्याज दर
देश के दो प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंक ICICI और HDFC बैंक भी इसी आंकड़े के आस-पास ब्याज दे रहे हैं। ICICI बैंक एक वर्ष से अधिक और 5 साल तक के फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश पर 7.25 फीसदी की दर से ब्याज दे रहा है। वहीं HDFC बैंक तीन ले पांच साल तक की निवेश अवधि पर ICICI बैंक के ही बराबर यानि 7.5 फीसदी की दर से फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दे रहा है।
घबराने की जरूरत नहीं
निवेशकों के लिए राहत की खबर ये है कि अगर उन्होंने पहले ही फिक्स्ड डिपॉजिट खाता खुलवा लिया है तो रकम मैच्यौर होने तक ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। यानि अगर नए इंट्रेस्ट रेट लागू होते हैं तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है, फिक्स्ड डिपॉजिट पर आपको पहले की ब्याज दर से इंट्रेस्ट मिलता रहेगा।


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