नितिन तिवारी शादी-शुदा व्यक्ति हैं, उन्हें घर का खर्च चलाने के लिए अधिक पैसों की जरूरत है। बचत के कई तरीके उन्होंने अपनाकर देखे लेकिन उससे उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। हाल ही में उन्होंने क्रेडिट कार्ड के बारे में पढ़ा जिसके बाद उन्हें विचार आया कि वह क्रेडिट कार्ड के जरिए घर की ज्यादातर जरूरते पूरी कर सकते हैं और बाद में इसे बैंक को आसान किश्तों में चुका सकते हैं।
इससे उन्हें दो फायदे थे, पहला तो उनकी जरूरतें पूरी हो जाती और दूसरा ये कि उनके पास महीने के अंत में एक अच्छी रकम बच जाती। तो नितिन ने तत्काल ही क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक से संपर्क किया और उसके लिए आवेदन कर दिया, लेकिन उनका आवेदन रिजेक्ट हो गया। बाद में उन्हें बैंक ने बताया कि उन्होंने आवेदन में क्या गलतियां की थी, उन गलतियों को सुधारने के बाद नितिन को क्रेडिट कार्ड मिला।
ऐसा अक्सर होता है कि हम जल्दबाजी में गलतियां कर बैठते हैं लेकिन बैंकिंग के क्षेत्र में जल्दबाजी और गलती की गुंजाइश नहीं के बराबर होती है। इसलिए हम आपको बताएंगे कि आप क्रेडिट कार्ड का आवेदन करते वक्त गलतियां करने से कैसे बच सकते हैं।
आवेदन
जब आप क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं तो कार्ड जारी करने वाला बैंक आपकी पूरी बैंक डिटेल की पड़ताल करता है। यहां पर उन लोगों को जल्दी क्रेडिट कार्ड मिल जाता है जिनकी मासिक आय ज्यादा होती है वहीं कम आय के लोगों के लिए ये प्रक्रिया कठिन होती है। कम आय के लोगों के लिए कंपनी क्रेडिट कार्ड देना जोखिम भरा होता है।
कम आय
क्रेडिट कार्ज प्रदाता कंपनी पहले कम आय के लोगों की भुगतान की क्षमता के बारे में पड़ताल करती हैं। यहां एक निश्चित सीमा है जिसके बाद ही क्रेडिट कार्ड जारी किया जाता है। जैसे कह सकते हैं 2.4 लाख रुपए प्रतिवर्ष की आय वाले व्यक्ति को क्रेडिट कार्ड जारी किया जा सकता है। सीधी सी बात ये है कि कंपनियां प्रतिमाह आय को देखकर ही क्रेडिट कार्ड जारी करती हैं।
हड़बड़ी में गड़बड़ी
अगर आप क्रेडिट कार्ड लेने की जल्दबाजी में कोई छोटी सी भी गलती करते हैं तो आपका आवेजन खारिज हो जाता है। मसलन आपने आवेदन में सबकुछ सही विवरण दिया है लेकिन अपने नाम की स्पेलिंग में गलती कर दी है तो आपका आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। इसलिए इस आवेदन के वक्त इस बात का ध्यान रखें कि आपके द्वारा दिया गया सारा विवरण सही हो और आपके प्रमाण पत्रों और आईडी प्रूफ से मेल खाता हो।
पता
पता देते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि आप जो पता दे रहे हैं वह पता बैंक की डिफाल्टर लिस्ट में ना हो। अगर आपने ऐसा कोई पता भरा जो बैंक के डिफाल्टर के पते से मेल खाता है तो आपका आवेदन खारिज हो सकता है।
मल्टीपल बैलेंस
अगर आपने कोई लोन ले रखा है या फिर आपने अपने पहले क्रेडिट कार्ड का भुगतान नहीं किया है तो आपको क्रेडिट कार्ड मिलने में परेशानी हो सकती है।
कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं
अगर आपने पहले किसी तरह का लोन या फिर किसी तरह का कोई क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है तो बैंक आपको क्रेडिट कार्ड जारी करने में हिचकिचाएगा। क्योंकि उसके पास आपके भुगतान का कोई विवरण नहीं होगा ऐसे में वह क्रेडिट कार्ड देने में आनाकानी करेगा। हालांकि जिन लोगों के पास सेलरी अकाउंट है उन्हें ऐसी परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
उम्र का असर
अगर आपकी उम्र 18 साल से कम है तो आपको क्रेडिट कार्ड नहीं दिया जाएगा। वहीं इस मामले में कई वरिष्ठ नागरिकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण होता है आय के स्रोत का। तमाम वरिष्ठ नागरिकों की आय का स्रोत पेंशन होती है ऐसे में उनके लिए क्रेडिट कार्ड जारी करना कंपनी को जोखिम भरा लगता है।


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