किसी परिवार के लिए आर्थिक योजना तैयार करना बेहद जरूरी होता है। वास्तव में ये आजकल हर परिवार की जरूरत बन चुका है। कई मामलो में देखा गया है कि कोई व्यक्ति फाइनेंशियल प्लानिंग नहीं करता है तो उसकी तमाम बचत एक झटके में किसी के इलाज में खर्च हो जाती है।
बचत करना सबसे कठिन काम है और जब मेहनत की कमाई से बचाए गए पैसे अचानक आई विपत्ति में खर्च हो जाएं तो व्यक्ति को बहुत कष्ट होता है। इसीलिए हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे कि आप बिना अपनी बचत का पैसा खर्च किए ऐसी मुश्किलों से आसानी से निपट सकते हैं।
स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंश)
किसी भी परिवार के लिए एक स्वास्थ्य बीमा बहुत ही जरूरी है। गंभीर बीमारियों में होने वाले बड़े खर्चों को स्वास्थ्य बीमा के जरिए कम किया जा सकता है। इसे एक उदाहरण से समझें कि कोई व्यक्ति कैंसर से पीड़ित है ऐसे में उसके इलाज में आने वाला खर्च बहुत ही अधिक होता है। अगर व्यक्ति का स्वास्थय बीमा है तो इस खर्चे से बचा जा सकता है।
उत्तराधिकारी (नॉमिनी) जरूर बनाएं
आप जो भी संपत्ति है उसके लिए अपना नॉमिनी जरूर चुने। आप इस बात को पक्का कर लें कि आपने अपनी संपत्ति को लेकर उत्तराधिकारी का चुनाव कर लिया है। हालांकि अधिकतर मामलों में लोग अपना नॉमिनी बनाते हैं जो कि सही है।
वसीयत
अगर आप परिवार के मुखिया हैं तो आपको वसीयत जरूर लिखनी चाहिए। इस वसीयत में अपनी चल और अचल संपत्ति का पूरा विवरण देना चाहिए साथ ही वसीयत में किसे उत्तराधिकारी बनाना है और किसे संपत्ति का हिस्सा देना है यह भी स्पष्ट होना चाहिए। आज के दौर में वसीयत बनाना कोई कठिन कार्य नहीं है और ये काम आसानी से कम पैसों में हो जाता है। वसीयत बनाने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति पर हक को लेकर बेवजह की कलह नहीं होती है।
सभी संपर्कों के बारे में विवरण जमा करना
आपको अपने सभी संपर्कों के विवरण को सेहज कर रखना चाहिए। चाहे वह इंश्योरेंस एजेंट हो, बैंकर हो, म्यूचुअल फंड स्कीम का एजेंट हो या फिर आपकी वसीयत को रखने वाले वकील हों इनके अलावा सभी वित्तीय कागजात अपनी जानकी में रखें। इसके अलावा ये सभी दस्तावेज और संपर्क अपने नॉमिनी को भी दे सकते हैं। इससे किसी अनहोनी की स्थिति में विवाद और परेशानी से बच सकते हैं।
बीमा जरूर कराएं
बीमा कराने से पहले आपको बाजार में आई तमाम बीमा पॉलिसी को अच्छे से समझल लेना चाहिए। फिर उसी हिसाब से बीमा पॉलिसी लेनी चाहिए। सावधि बीमा योजना में आपको पर्याप्त बीमा कवरेज मिलता है जबकि इसमें आपके द्वारा दिया गया प्रीमियम वापस नहीं मिलता। वहीं मिश्रित बीमा योजना में आपके जीवित रहने पर आपको प्रीमियम की राशि का भुगतान किया जाता है साथ ही उसमें निहित ब्याज भी दिया जाता है।
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