लोकसभा में आम बजट 2016-17 प्रस्तुत करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार के पास गरीबी और असमानता दूर करने के लिए कराधान प्रमुख साधन है और इसका सावधानीपूर्वक उपयोग करना होगा, लेकिन वे छोटे करदाताओं को राहत देना चाहते हैं।

इस प्रकार आयकर अधिनियम की धारा 87-ए के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों पर कर का बोझ कम करने के लिए कर छूट की अधिकतम सीमा 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे दो करोड़ से अधिक करदाताओं को 3000 रुपये की राहत मिलेगी।
धारा 80 जीजी के अंतर्गत मकान किराए के भुगतान के संबंध में कटौती की सीमा 24000 रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 60000 रुपये प्रतिवर्ष की गई है, जिससे किराए के मकानों में रहने वाले व्यक्तियों को राहत मिलेगी।
33 लाख छोटे व्यवसायियों को लाभ
आयकर अधिनियम की धारा 44 एडी के अंतर्गत अनुमानित कराधान योजना के तहत टर्नओवर या सकल प्राप्तियों को मौजूदा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है, जिसका लाभ लगभग 33 लाख छोटे व्यवसायियों को मिलेगा। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों को विस्तृत बही खातों के रख-रखाव और उनकी लेखा परीक्षा कराने के बोझ से मुक्ति मिलेगी।
अनुमानित कराधान योजना को ऐसे व्यवसायियों तक बढ़ाया जाएगा, जिनकी अनुमानित 50 प्रतिशत की प्राप्तियों के साथ सकल प्राप्तियां 50 लाख रुपये की हैं।


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