जीवन बीमा पौलिसी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो कि पुर्नभुगतान के समय प्रस्तुत करना आवश्यक रहता है। इस दस्तावेज के खोने की या कहीं रख कर भूल जाने की सम्भावना ज्यादा रहती है। अत: आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि नर्इ पॉलिसी के लिए आवेदन कैसे किया जाता है। आपको नर्इ जीवन बीमा पॉलिसी का प्रामण प्राप्त करने के लिए आवेदन करना रहता है, जिसकी विधि यहां समझार्इ जा रही है। पॉलिसी का प्रमाण मिल जाने के बाद उस पॉलिसी के पहले की शर्तों और नियमों में कोर्इ परिवर्तन नहीं होता है।

नर्इ पॉलिसी प्रमाण पत्र प्राप्त करने की विधि
आपको इसके लिए इंश्योरेंश कम्पनी से नर्इ पॉलिसी प्राप्त करने के लिए आवेदन करना रहता है। आवेदन में अपनी पॉलिसी से संबंधित संपूर्ण विवरण का स्पष्टत: उल्लेख करें, जिसमें सम्मिलित हैं- आपका पूरा नाम, नॉमिनी का नॉम, पत्ता, जन्म दिनांक आदि।
यदि आपके पास अपनी पॉलिसी की फोटो स्टेट प्रति हैं, तो यह नर्इ पॉलिसी प्राप्त करने के लिए बहुत उपयोगी होगी, क्योंकि इससे इंश्योरेंश कम्पनी को इस बात पर पूरा भरोसा हो जायेगा कि आप ही वह व्यक्ति हैं, जो नर्इ डुप्लीकेट पॉलिसी प्राप्त करना चाहते हैं।
नर्इ इंश्योरेंश पॉलिसी प्राप्त करने के लिए आपको कुछ राशि फिस के रुप में इंश्योरेंश कम्पनी को देनी रहती है, जो ज्यादा नहीं होती है।
समाचार पत्र में आपको पॉलिसी के संबंध में विज्ञापन छपाना
पॉलिसी के संबंध में एक विज्ञापन छपवाना रहता है, जिसे छपवाने के पहले इंश्योरेंश कम्पनी की गार्इड लाइन को चेक कर लें, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया इंश्योंरेंश कम्पनी के
नियमो पर निर्भर करती है। पॉलिसी के खो जाने के संबंध में विज्ञापन छपने के कम से कम एक महीने तक इंतजार करें। यदि एक महीने की अवधि में आपकी पॉलिसी किसी व्यक्ति द्वारा नहीं लौटार्इ जाती है, तो इश्योंरेशं कम्पनी आपको इंडेमनिटी बॉन्ड़ भरने के लिए कहेगी।
डुप्लीकेट पॉलिसी
सामन्यतया डुप्लीकेट पॉलिसी की जो फिस निर्धारित रहती है उसी वेल्यू का स्टेम्प पेपर लिया जाता है। इंडेमनिटी बॉन्ड में सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे- पॉलिसी होल्ड़र का नाम, पॉलिसी नम्बर का उल्लेख करना जरुरी होता है। आवश्यकता अनुसार बॉन्ड़ पर पॉलिसी होल्डर और गवाहों के हस्ताक्षर किये जाते हैं।
जब इंश्योंरेंश कम्पनी सभी आवश्यक विवरण की जांच करने के उपरांत इस बात से पूरी तरह आश्वस्त हो जाती है कि जो भी विवरण दिया गया है, वह सही हैं, नर्इ डुप्लीकेट पॉलिसी जारी करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाती है। पॉलिसी पर डुप्लीकेट लिखा होता है। पॉलिसी की अन्य शर्तों और नियमों में कोर्इ परिवर्तन नहीं किया जाता है।
डुप्लीकेट पॉलिसी प्राप्त करना परेशानी से मुक्त नहीं हैं। अत: आवश्यक यही है कि आप अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सदैव सम्भाल कर रखें।
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