कितना आकर्षक बना नेशनल पेंशन सिस्टम

नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) एक पेंशन स्कीम है, जिसे पेंशन फंड रेगुलेटरी एण्ड़ डेवलपमेंट ऑथोरिटी (पीएफआरडीए) द्वारा संचालित किया जाता है। प्रारम्भ में इसे सरकारी कर्मचारियों के लिए ही लागू किया गया था, किन्तु 2009 के अंत में इस स्कीम को सभी भारतीय नागरिकों को लिए लागू कर दिया गया है।

National Pension System: New Features Added To Make It Attractive

एनपीएस स्कीम के तहत कोर्इ भी नियमित अंतराल के बाद इस स्कीम में निवेश कर सकता है। उस व्यक्ति के पास यह विकल्प होगा कि निवेश की गर्इ राशि का कुछ भाग एक मुस्त ले लें और बची हुर्इ राशि पर उसे नियमित रुप से मासिक पेंशन मिलें।

यूनियन बजट 2015-16 में वित्तमंत्री ने 50,000 रुपये तक निवेश की गर्इ राशि पर सेक्शन 80 सीसीडी के तहत आयाकर में छूट का अतिरिक्त प्रावधान किया है। इस पेंशन फंड को इक्वीटी में निवेश किया जाता है, अत: इस पर अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। परन्तु ज्यादा फंड एकत्रित करने के लिए अंशधारको को लालच दे कर इसे बंद करने की कोर्इ योजना नहीं है।

सरकार इस स्कीम के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए कुछ चार्जेंज लेती है। इस समय एनपीएस के सब्सक्राइबर की कुल संख्या लगभग एक करोड़ है। असेट अंडरमेनेजमेंट (एयूएम) के अनुसार इस समय में एनपीएस की कुल असेट लगभग एक लाख करोड़ रुपया है।

स्थानान्तरित सब्सक्राइबर के अंशदान को अपलोड करना

सीआरए सिस्टम के तहत पहले पोइन्ट ऑफ प्रसेन्स (पीओपीएस) की अनुमति दी गयी थी जिसके तहत नियमित रुप से मासिक अंशदान को अपलोड किया जा सकता था। इसके तहत वे ही सब्सक्राइबर आते थे जो एक ही ओद्योगिक ग्रुप से ही संबंधित होते थे। परन्तु अब पीओपी एक औधोगिक ग्रुप से दूसरे औधोगिक ग्रुप से संबधित सब्सक्राइबर का अंशदान अपलोड़ कर सकता है।

स्वीच करने का एक उपाय

फिलहाल ऐसा कोर्इ प्रावधान नहीं है जिससे टीआर्इइआर II से टीआर्इइआर -I खाते में फंड़ ट्रांसफर किया जा सकता था, किन्तु अब पीओपी सब्सक्राइबर की प्राथना पर टीआर्इइआर II से टीआर्इइआर -I खाते में फंड़ ट्रांसफर को प्रोसेस कर सकता है।

नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) एक पेंशन स्कीम है, जिसे पेंशन फंड रेगुलेटरी एण्ड़ डेवलपमेंट ऑथोरिटी (पीएफआरडीए) द्वारा संचालित किया जाता है। प्रारम्भ में इसे सरकारी कर्मचारियों के लिए ही लागू किया गया था, किन्तु 2009 के अंत में इस स्कीम को सभी भारतीय नागरिकों को लिए लागू कर दिया गया है।

एनपीएस स्कीम के तहत कोर्इ भी नियमित अंतराल के बाद इस स्कीम में निवेश कर सकता है। उस व्यक्ति के पास यह विकल्प होगा कि निवेश की गर्इ राशि का कुछ भाग एक मुस्त ले लें और बची हुर्इ राशि पर उसे नियमित रुप से मासिक पेंशन मिलें। यूनियन बजट 2015-16 में वित्तमंत्री ने 50,000 रुपये तक निवेश की गर्इ राशि पर सेक्शन 80 सीसीडी के तहत आयाकर में छूट का अतिरिक्त प्रावधान किया है।

इस पेंशन फंड़ को इक्वीटी में निवेश किया जाता है, अत: इस पर अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। परन्तु ज्यादा फंड़ एकत्रित करने के लिए अंशधारको को लालच दे कर इसे बंद करने की कोर्इ योजना नहीं है।

सरकार इस स्कीम के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए कुछ चार्जेंज लेती है। इस समय एनपीएस के सब्सक्राइबर की कुल संख्या लगभग एक करोड़ है। असेट अंडरमेनेजमेंट (एयूएम) के अनुसार इस समय में एनपीएस की कुल असेट लगभग एक लाख करोड़ रुपया है।

स्थानान्तरित सब्सक्राइबर के अंशदान को अपलोड करना

सीआरए सिस्टम के तहत पहले पोइन्ट ऑफ प्रसेन्स (पीओपीएस) की अनुमति दी गयी थी जिसके तहत नियमित रुप से मासिक अंशदान को अपलोड किया जा सकता था। इसके तहत वे ही सब्सक्राइबर आते थे जो एक ही ओद्योगिक ग्रुप से ही संबंधित होते थे। परन्तु अब पीओपी एक औधोगिक ग्रुप से दूसरे औधोगिक ग्रुप से संबधित सब्सक्राइबर का अंशदान अपलोड़ कर सकता है।

स्वीच करने का एक उपाय

फिलहाल ऐसा कोर्इ प्रावधान नहीं है जिससे टीआर्इइआर II से टीआर्इइआर -I खाते में फंड़ ट्रांसफर किया जा सकता था, किन्तु अब पीओपी सब्सक्राइबर की प्राथना पर टीआर्इइआर II से टीआर्इइआर -I खाते में फंड़ ट्रांसफर को प्रोसेस कर सकता है।

सरकारी कर्मचारियों के असमान अंशदान को अपलोड़ करना

सरकारी कर्मचारियों के मामले में अपलोड ऑफिसर कर्मचारी के अंशदान और नियोक्ता के अंशदान की एक फाइल तैयार करेगा और दोनों का अंशदान एक समान होने पर इसे अपलोड़ कर देगा। अब अधिकृतरुप से अपलोड़ अधिकारी को यह अधिकार दिया गया है कि वह नियोक्ता और कर्मचारी के अंशदान में असमानता होने पर भी इसकी एक फाइल तैयार करें और इसे अपलोड़ करें।

पीओपी के तहत कॉरपोरेट सब्सक्राइबर के स्वैच्छिक अंशदान की विधि

इस समय पीओपी उन्हीं कॉरपोरेट कर्मचारियों के अंशदान को अपलोड़ कर रहा है, जो कॉरपोरेट इससे जुडे़ हुए हैं। पीओपी उन कॉरपोरेट कर्मचारियों के स्वैच्छिक अंशदान को भी प्रोसेस कर सकता है, जो उससे नहीं जुड़े हुए हैं।

पीआरएन के पीछे की ओर क्यूआर कोड सुविधा दर्शाना

क्यूआर कोड मेट्रिक्स बारकोड है, जिसका उपयोग यूआरएल वेबसाइट के लिए किया जाता है। स्मार्ट फोन के उपयोग के समय क्यूआरकोड को डाटा में परिवर्तित किया जा सकता है। क्यूआर कोड़ की अप्लीकेशन मुफ्त में सभी स्मार्टफोन के यूजर्स को उपलब्ध करार्इ जाती है। यूआरएल वेबसाइट को क्यूआर कोड़ में परिवर्तन की उपयोगिता ऑनलाइन सभी को मुफ्त में उपलब्ध करार्इ जायेगी।

सरकारी कर्मचारियों के मामले में अपलोड ऑफिसर कर्मचारी के अंशदान और नियोक्ता के अंशदान की एक फाइल तैयार करेगा और दोनों का अंशदान एक समान होने पर इसे अपलोड़ कर देगा। अब अधिकृतरुप से अपलोड़ अधिकारी को यह अधिकार दिया गया है कि वह नियोक्ता और कर्मचारी के अंशदान में असमानता होने पर भी इसकी एक फाइल तैयार करें और इसे अपलोड करें।

पीओपी के तहत कॉरपोरेट सब्सक्राइबर के स्वैच्छिक अंशदान की विधि

इस समय पीओपी उन्हीं कॉरपोरेट कर्मचारियों के अंशदान को अपलोड़ कर रहा है, जो कॉरपोरेट इससे जुडे़ हुए हैं। पीओपी उन कॉरपोरेट कर्मचारियों के स्वैच्छिक अंशदान को भी प्रोसेस कर सकता है, जो उससे नहीं जुड़े हुए हैं।

पीआरएन के पीछे की ओर क्यूआर कोड सुविधा दर्शाना

क्यूआर कोड़ मेट्रिक्स बारकोड है, जिसका उपयोग यूआरएल वेबसाइट के लिए किया जाता है। स्मार्ट फोन के उपयोग के समय क्यूआरकोड को डाटा में परिवर्तित किया जा सकता है। क्यूआर कोड़ की अप्लीकेशन मुफ्त में सभी स्मार्टफोन के यूजर्स को उपलब्ध करार्इ जाती है। यूआरएल वेबसाइट को क्यूआर कोड़ में परिवर्तन की उपयोगिता ऑनलाइन सभी को मुफ्त में उपलब्ध करार्इ जायेगी।

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