किसी कंपनी से नई नौकरी की कॉल आती है, तो हर किसी के मन में एक उत्साह की लहर उत्पन्न होती है। उत्साह कौतूहल में तब बदल जाता है, जब दो-तीन राउंड निकल जाते हैं और फिर बेसब्री से इंतजार होता है फाइनल कॉल और सैलरी डिसाइड करने का। ऐसे में कई बार बिना किसी वित्तीय प्लानिंग के हम नई नौकरी ज्वाइन कर लेते हैं और कुछ ही दिन बाद आर्थिक परेशानियां घर करने लगती हैं।
हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ टिप्स जिन्हें आप तब जरूर फॉलो करियेगा, जब नौकरी चेंज करनी हो। टिप्स इस प्रकार हैं-
अपने पारिवारिक सलाहकार से सलाह लें
आम-तौर पर नई नौकरी की कॉल आने पर लोग अपने घर के सदस्यों को नहीं बताते हैं, सोचते हैं नजर लग जायेगी, या पनौती लग जायेगी। जबकि सच तो यह है कि जरूरी नहीं है कि माता-पिता ही, किसी भी अनुभवी व्यक्ति से सलाह लेने में आप जरा भी कोताही मत बरतें। वह आपकी वित्तीय मदद करे न करे, आगे आने वाले जोखिमों से आपको अवगत जरूर करा देंगे।
इमरजेंसी फंड तैयार रखें
नौकरी बदलने से पहले इमरजेंसी फंड जरूर तैयार रखें। क्योंकि आपको नहीं मालूम है कि नई कंपनी सही समय पर सैलरी देगी या नहीं। और वह इमरजेंसी फंड तब भी काम आयेगा, अगर प्रोबेशन पीरियड में कंपनी आपको नौकरी से निकाल देती है। नौकरी से निकाले जाने का कारण जरूरी नहीं है कि आपकी खराब परफॉरमेंस हो। हो सकता है आप नये माहौल में अडजस्ट ही नहीं हो पा रहे हों।
रिटायरमेंट फंड चेक करें
हमारी सलाह यह है कि आप एक खाता खोलें और उसमें नियमित रूप से रिटायरमेंट के लिये कुछ रकम डालते रहें। उस धन का उपयोग भविष्य में आप कर सकते हैं। और उस वक्त भी अगर कोई जोखिम नई नौकरी में आता है।
इंश्योरेंस प्लान
जब आप नौकरी छोड़ते हैं, तब आप इंश्योरेंस कवर से बाहर हो जाते हैं। इसलिये बेहतर होगा आप नोटिस पीरियड के दौरान ही नये इंश्योरेंस कवर को ले लें।
एडवांस बिल पेमेंट
अगर आपके किसी भी प्रकार के बिल बाकी हैं, तो उनका पेमेंट एडवांस में कर दें। इससे आपको निकटतम भविष्य में दिक्कतें नहीं आयेंगी।
रीलोकेट हो रहे हैं तो
अगर आप नई नौकरी के साथ रीलोकेट हो रहे हैं यानि एक शहर से दूसरे शहर में जा रहे हैं, तब आपको बड़ी रकम अपने हाथ में रखनी चाहिये, क्योंकि घर के डिपॉजिट, किराये आदि से लेकर जरूरी सामान खरीदने तक तमाम खर्चे आपकी जेब पर डाका डाल सकते हैं।


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