कई लोग जब होम लोन लेते हैं तो उन्हें बहुत परेशानी होती है। उनका कहना है कि बैंक या हाउसिंग फ़ाइनेंस कंपनी उन्हें फ़ाइनेंस के साथ होम लोन लेने के लिए कहती है। लेकिन फिर भी यह बताना जरूरी है कि होम लोन के साथ इंश्योरेंस लेना अनिवार्य नहीं है। होम लोन में इस तरह के इंश्योरेंस की आवश्यकता पड़ सकती है।
होम लोन और प्रोपर्टी लोन में क्या अन्तर है
कई बैंक और फ़ाइनेंस कंपनियाँ तीन तरह के इंश्योरेंस पर ज़ोर दे सकती हैं। पहला है लोन लेने वाले का लाइफ इंश्योरेंस, दूसरा प्रॉपर्टी के नुकसान की भरपाई के लिए इंश्योरेंस और तीसरा है क्रेडिट रिस्क का इंश्योरेंस। लेकिन आश्चर्य की बात है कि इनमें से एक भी अनिवार्य नहीं है लेकिन यदि आप ये नहीं लेते हैं तो शायद आपको लोन देने से मना किया जा सकता है।
इंश्योरेंस हमेशा फायदेमंद है
इंश्योरेंस लेना अच्छी बात है खास तौर पर टर्म इंश्योरेंस जिसमें होम लोन की राशि कवर होती है। क्यों कि होम लोन लेने वाले की मृत्यु होने की स्थिति में बैंक या फ़ाइनेंस कंपनी उसकी प्रॉपर्टी को गिरवी रख सकती है।
यदि टर्म इंश्योरेंस लिया हुआ है तो इसमें लोन की पूरी राशि कवर होती है जिससे परिवारजनों पर कोई बोझ नहीं पड़ता है। आपको कितना कवरेज लेना चाहिए ये आपके होम लोन पर निर्भर करता है। मानो कि आप 25 लाख का होम लोन ले रहे हैं। तो ऐसे में आपको कम से कम 1 करोड़ का टर्म इंश्योरेंस लेना चाहिए। इससे आपके परिवारजन या आश्रित लोन की सारी राशि चुका पाएंगे और कुछ पैसा भी बच जाएगा।
आजकल अधिकतर होम लोन कंपनियाँ इंश्योरेंस इस तरह से निर्धारित करती हैं कि इंश्योरेंस की राशि आप मासिक किश्तों में भी दे सकते हैं। इसलिए आप बेफिक्र होकर लोन की राशि चुका पाएंगे। इसलिए यदि आप चाहते हैं कि आपके आश्रित लोग बिना परेशानी के होम लोन की राशि चुका पाएँ तो होम लोन लेना अच्छी बात है। इसलिए यदि होम लोन कंपनी आपको इंश्योरेंस लेने के लिए कहे तो परेशान ना हों, भविष्य के लिए यह अच्छा है।


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