कर्इ व्यक्ति ऐसे टेक्स फ्री बॉन्ड लेना चाहते हैं, जिन पर जो ब्याज मिलता है, उस ब्याज की राशि पर टेक्स नहीं देना पड़े। बहुत लोगों के पास इस बात की जानकारी नहीं होती है कि ऐसे बॉन्ड को कहां जा कर खरीदा जाय। कुछ वर्ष पहले ऐसी बहुत सारी कम्पनियां थी, जो ऐसे टेक्स फ्री बॉन्ड ले कर आती थी। इनमे मुख्यत: थी- इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन टेक्स फ्री बॉन्ड, हूडको टेक्स फ्री बॉण्ड, नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया आदि।

टेक्स फ्री बॉन्ड खरीदने से क्या लाभ होता है?
जब आप टेक्स फ्री बॉन्ड को खरीदते हैं, तब इस पर जो ब्याज मिलता है, उस ब्याज की राशि पर टेक्स की छूट होती है। अत: ब्याज को आय में जोड़ कर इस पर आयकर की गणना नहीं की जाती। इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। यदि आपको बैंक में जमा की गर्इ राशि पर दस हजार रुपये से ज्यादा ब्याज मिलता है, तब ब्याज की राशि को कुल आय में जोड़ कर इस पर टेक्स की कटौती की जाती है।
टेक्स फ्री बॉन्ड की यह विशेषता है कि ब्याज की राशि को कुल आय में नहीं जोड़ा जाता। इसका आशय यह है कि आय पर पूर्णतया टेक्स की छूट मिलती है।
भारत में टेक्स फ्री बॉन्ड कहां से खरीदे?
टेक्स फ्री बॉन्ड ट्रेड़िग अकाउंट से उसी तरह खरीद सकते हैं, जिस तरह शेयर खरीदते हैं। आप इसे ऑन लाइन ट्रेड़िग अकाउंट से भी ले सकते हैं और अपने ब्रोकर को फोन कर उसके माध्यम से भी खरीद सकते हैं।
बॉन्ड खरीदने के पहले उसके मूल्य, उस पर ब्याज की दर तथा बुक क्लोजर डेट के संबंध में जानकारी प्राप्त कर ले। ऐसा करने के लिए आप वेबसाइट, www.nseindia.com की विजिट करें। बॉक्स में आपको वह सिक्यूरीटी दिखार्इ देगी जिसे आप खरीदना चाहते हैं। वहां जा कर क्लिक करें।
क्लिक करने के बाद उस सिक्यूरीटी के संबंध में सारी सूचना मिल जायेगी। इसमें आपको वे सभी सूचनाएं - जैसे ब्याज की दर, बुक क्लोजर व इसकी एक्सपायरी की डेट सम्मिलित होगी।
इसमें महत्वपूर्ण बात यह नोट करने की है वह यह है कि इस बॉण्ड की मूल कीमत क्या है और इसके ब्याज की दर क्या है ? यदि आपको मूल कीमत 1000 रुपये देने पर 1100 रुपये का बॉन्ड मिलता है, इसका आशय यह है कि इस पर ब्याज की दर 8.1 प्रतिशत हैं और आपकी लागत कम नहीं हो रही है।
अत: आपकी बॉन्ड की कीमत 1100 आंकी गयी है, पर आपको 8.1 प्रतिशत ब्याज 1000 रुपये पर ही मिलेगा, क्योंकि आप वास्तव में बॉन्ड को 1000 रुपये दे कर ही लें रहे हैं। बहुत सारे सूचीबद्ध बॉन्ड जिन्हें सरकार जारी करती है, उसी रेटिंग एएए दी जाती है। सामान्यतया इनकी एक्सपायरी डेट-, बॉन्ड जारी करने की तिथि से 10, 15 या 20 वर्ष हो सकती है।
अत: अगली बार आप जब भी बॉन्ड खरीदें तब इस संबंध में सारी जानकारियां प्राप्त कर लें, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण है- बॉन्ड की कीमत और इस पर ब्याज की दर।
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