प्रोफेशनल टेक्स अप्रत्यक्ष कर है, जो मुख्यत: राज्य सरकार, विशेष नगरीय निकाय (म्युन्सिपल कॉरपोरेशन) द्वारा सरकारी और गैर सरकारी सेवाओं में कार्यरत व्यक्ति, चार्टड अकाउंटेट, डॉक्टर, वकील व अन्य व्यवसायिक गतिविधियों में लगे व्यापारियों पर लगाया जाता है।
प्राफेशनल टेक्स अधिनयिम की अनुसूची एक के तहत शासित विशेष " व्यक्ति " को प्रोफेशनल टेक्स देने का उत्तरदायी माना गया है, उसे विभिन्न केटेगेरी में अलग-अलग कर 21 प्रविष्ठि यों में दर्शाया गया है। अलग-अलग श्रेणी में वर्गीकृत किये गये व्यक्तियों के लिए प्रोफशनल टेक्स की दर क्या होगी, उसे अनुसूची एक में उपलब्ध कराया गया है। प्रोफेशनल टेक्स सरकार को रेवेन्यू प्राप्त करने का स्त्रोत है, जिससे राज्य सरकारों को रोजगार गारन्टी जैसी योजनाओं को चलाने में मदद मिलती है।
भारत में जो राज्य सरकारे प्रोफेशनल टेक्स लगाती है
भारत में जो राज्य सरकारे प्रोफेशनल टेक्स लगाती हैं, वे हैं- आन्ध् प्रदेश, असम, छतीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, मेघालय, मघ्यप्रदेश, उड़िसा, कर्नाटका, केरला, तमिलनाडू, त्रिपुरा ,पश्चिमी बंगाल और अन्य राज्य - हरियाणा, उत्तरप्रदेश केन्द्र शासित राज्य जिसमें दिल्ली व चंड़ीगढ़ भी सम्मिलित है। [जानिए क्या होता है सीटीसी और टेक होम सैलरी में अंतर]
कर्मचारियों के वेतन से प्रोफेशन टेक्स कटौती के लिए नियोक्ताओं को जिम्मेदारी दी जाती है
जो कर्मचारी सेवारत है, उनका प्रोफेशनल टेक्स नियोक्ता द्वारा काटा जाता है और जिस जगह पर कम्पनी का कार्यालय हैं वहां से सरकार के पास जमा कराया जाता है। प्रोफेशनल टेक्स को इन्कम टेक्स की तरह ही माना जाता है। जितना प्रोफेशनल टेक्स काटा जाता है, उसके योग पर आयकर की छूट मिलती है।
प्रोफेशनल टेक्स नहीं चुकाये जाने के दायित्व मुक्त करने संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त करना
जिस व्यक्ति को प्रोफेशन टेक्स देने के दायित्व से मुक्त माना जाता है, उसे एक महीने के भीतर प्रोफेशन टेक्स आथारिटी से छूट का प्रमाण पत्र लेना होता है।
उस मामले में जिसमें एक व्यक्ति की नियुक्ति किसी निर्दिष्ट कम्पनी में होती है तब नियुक्ति के बाद पे रोल मे रखें जाने का प्रमाण पत्र प्राप्त रहता है। यदि कम्पनी का कार्य अन्य राज्यों में भी संचालित होता है तब नियोक्त को उस राज्य की ऑथोरिटी को स्थान के बारें में सूचित करना होगा, जो उस राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है।
प्रोफेशनल टेक्स की दर जो लगार्इ जाती है
प्रोफेशनल टेक्स की दर सभी राज्यों में अलग-अलग होती है। राज्य सरकारे व्यवसाय का प्रकार, व्यवसायक की अवधि तथा कुल आय का टर्न ऑवर कितना है, उस आधार पर प्रोफेशनल टेक्स की दर निर्धारित करती है। यदि अधिकतम 2400 रुपये वार्षिक प्रोफेशनल टेक्स दिया जाता है तब इसकी गणना तभी की जा सकेगी जब उस व्यक्ति के वेतन की पूर्व में निर्दिष्ट की हुर्इ दर उपलब्ध हों। प्रोफेशनल टेक्स का भुगतान चालान न. 8 से किया जाता है।
प्रोफेशनल टेक्स भुगतान की विधि
राजकोट म्युन्सिपल कॉरपोरेशन ने ही प्रोफेशन टेक्स को ऑन लाइन जमा कराना आरम्भ किया है। इस प्रयास से व्यक्ति अपना प्रोफेशनल टेक्स ऑन लाइन जमा करा सकता है और उसे सरकारी कार्यालयों में स्वयं उपस्थित हो कर इसे नहीं जमा कराना पड़ेगा। यह भी जानकारी मिली है कि म्युन्सिपल कारपोरेशन ने नेट बैंकिग सुविधा से भी प्रोफेशनल टेक्स जमा कराने की सुविधा दे रहा है।


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