लखनऊ के रहने वाले जयंत मिश्रा को पूर्वजों की संपत्ति से 1लाख रुपए मिले तो उन्होंने उन रुपयों को निवेश करने के बारे में सोचना शुरू कर दिया। किसी ने कहा एफडी कर दो, किसी ने कहा बैंक में जमा कर दो, किसी ने पोस्ट ऑफिस तो किसी ने सेविंग स्कीम्स लेने की बात की। जयंत को अपने मित्र रविंद्र सिंह की बात ज्यादा अच्छी, लगी, जिन्होंने शेयर मार्केट में पैसा लगाने का सुझाव दिया।
लेकिन जैसे ही जयंत ने यह बात अपनी पत्नी से डिसकस की, पत्नी ने साफ कहा, मर जाउंगी लेकिन शेयर मार्केट में पैसा लगाने नहीं दूंगी। जयंत ने पूछा क्यों, तो जवाब मिला क्योंकि शेयर बाजार एक जुआ है! देश के लगभग सभी मध्यमवर्गीय परिवारों में यही धारणा बनी हुई है।
जी हां लोग सोचते हैं कि शेयर बाजार एक जुआ है, शेयर ऊपर चढ़े तो मुनाफा, गिरे तो घाटा और सब कुछ किसमत का खेल है। जबकि सच पूछिये तो अगर आप समझदारी के साथ शेयर बाजार में पैसा लगाने जा रहे हैं, तो यह जुआ नहीं है, बल्कि आपको मुनाफा और ढेर सारा मुनाफा ही देता है।
कैसे जुआ नहीं है शेयर मार्केट में पैसा लगाना-
कब लगाये पैसा
पैसा डूबने से बचने के लिये आप तब निवेश करें, जब बाजार में मंदी हो। या फिर किसी बड़ी कंपनी के शेयर सस्ते हों। क्योंकि मंदी के बादल हटते ही शेयर के भाव ऊपर चढ़ते हैं और कंपनी को फायदा मिलने पर भी ऐसा ही होता है। उस वक्त आप अपने शेयर बेच कर मुनाफा कमा सकते हैं।
बढ़ रहा है वैल्यूएशन
भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों का वैल्यूएशन तेजी से बढ़ रहा है। यानी आगे चलकर उछाल आने की संभावनाएं तेज होती जा रही हैं।
पंजीकृत कंपनियां
भारतीय शेयर बाजार में पंजीकृत कंपनियों की वैल्यू जीडीपी की तुलना में ज्यादा है। वर्तमान में यह 93 लाख करोड़ है, जो जीडीपी की 86 प्रतिशत है। यानी बाजार सही दिशा में जा रहा है। इसमें छोटे से छोटा उछाल बड़े मुनाफे देगा।
आसमान छूते शेयर के दाम
भारत में तमाम कंपनियां हैं, जिनके शेयर पिछले तीन साल में आसमान छूने लगे। लेकिन कुछ ऐसी रहीं, जिनके शेयर ऊपर नहीं उठे, लेकिन हां नीचे गिरने वाली कंपनियों की संख्या कम देखी गई है।
स्थाई केंद्र सरकार
स्थाई केंद्र सरकार आने के बाद से शेयर बाजार लगातार ऊपर उठ रहा है। लगातार एक के बाद एक अच्छी खबरों के चलते शेयर बाजार में उछाल आना आम बात हो गई है, लिहाजा पैसा डूबने का चांस कम हो गया है।
बफे का कथन
शेयर बाजार में पैसा लगाते वक्त बफे का कथन हमेशा याद रखें- जब हर कोई डरा हुआ हो, तब लालची बन जायें और जब हर कोई लालची हो, तब डरने की जरूरत है। अब डर खत्म सा होता जा रहा है।
बढ़ेगा निवेश
अमेरिका में ब्याज दरें तेजी से बढ़ रही हैं। इसमें यदि ज्यादा उछाल आया तो विश्व के बड़े निवेशक भारत का रुख कर सकते हैं। और ऐसे में यहां के स्थानीय निवेशकों को मुनाफा ही होगा।


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