नई दिल्ली, जुलाई 7। आपके पसंदीदा खाने को घर के दरवाजे तक पहुंचाने की सुविधा का सभी ने स्वागत किया है। ये आज की सच्चाई है कि आप एक बटन के क्लिक पर अपनी पसंद के किसी भी रेस्तरां से अपनी पसंद का कोई भी खाना घर पर मंगवा सकते हैं। इतना ही नहीं ये काम मिनटों के अंदर होगा और आपको गर्मा गर्म खाना मिलेगा। मगर कहीं न कहीं घर बैठे खाना ऑर्डर करने के चक्कर में लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि क्या वे इसके लिए सही कीमत चुका रहे हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि उनसे अधिक पैसा वसूला रहा है। दरअसल ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के एक ग्राहक ने इस मुद्दे को उठाया है। उसने कंपनी के खाने के बिल को ऑनलाइन साझा किया। इससे ये बात साफ पता लग रही है कि जोमैटो किस तरह ग्राहकों से अधिक पैसा वसूल रही है।
कहां का है मामला
राहुल काबरा एक लिंक्डइन यूजर हैं। उन्होंने ज़ोमैटो ऑर्डर बिल और उसी ऑर्डर के ऑफलाइन बिल की तस्वीरें पोस्ट इसी प्लेटफॉर्म पर शेयर कीं। दोनों फोटो में कुल ऑर्डर राशि में आया अंतर था। ऑर्डर मुंबई में एक रेस्तरां 'द मोमो फैक्ट्री' को किया गया। जो आइटम ऑर्डर में शामिल रहे, उनमें वेज ब्लैक पेपर सॉस, वेजिटेबल फ्राइड राइस और मशरूम मोमो शामिल हैं।
कितना आया बिल में अंतर
राहुल काबरा ने कैप्शन में लिखा कि वे ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन ऑर्डर की तुलना में एप्पल टू एप्पल कर रहा हूं। उन्होंने पाया कि सेम ऑफलाइन ऑर्डर की लागत 512 रु है, जबकि जोमैटो ऑर्डर की लागत 690 रु है और वो भी 75 रु की लागू छूट के बाद। यानी ये अंतर होता है 178 रु। प्रति ऑर्डर लागत वृद्धि 34.76% है।
लुट रहे ग्राहक
राहुल काबरा ने अपने पोस्ट में कहा कि यह मानते हुए कि जोमैटो फूड सर्विस प्रोवाइडर के लिए विजिबिलिटी और अधिक ऑर्डर लाता है, क्या उसे इतनी अधिक कीमत वसूल करनी चाहिए? हालांकि लोग राहुल और जोमैटो दोनों के फेवर में कमेंट करते दिखे। जैसे कि एक यूजर ने कहा कि डोरडैश जैसे यूएस आधारित फूड डिलिवरी ऐप के साथ यह धारणा है कि वे फूड आइटम्स के लिए रेस्तरां के समान कीमत बनाए रखते हैं। हालांकि, वे एक अलग डिलीवरी शुल्क/डिलीवरी और अन्य टैक्स चार्ज लेते हैं। इस तरह पारदर्शिता होती है और ग्राहक को ठीक-ठीक पता होता है कि वह किसके लिए अधिक भुगतान कर रहा है।
एक औऱ रहा मजेदार कमेंट
एक अन्य उपयोगकर्ता ने कहा कि ठीक है! तो अब आपको सबूत मिल गया है, आपके पास दो विकल्प बचे हैं। या तो आप बाहर निकलें और अपनी लागत के साथ मोमो फैक्ट्री से खरीदें। दूसरा विकल्प इसे डिलिवर करने के लिए ऑर्डर करें। ये आपके दरवाजे पर आएगा, जो आपका समय बचाता है।
जोमैटो का बिजनेस
स्विगी आदि की तरह जोमैटो का भी यही बिजनेस है कि वे खाना डिलिवर करने के लिए ग्राहकों से पैसा चार्ज करते हैं। अब यदि ये ग्राहकों को बजट में लगे तो ये उनका फैसला है। बता दें कि जोमैटो की शुरुआत 2008 में हुई थी।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

IPO बंद होने का आखिरी मौका: आज शाम 5 बजे से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना अटक सकता है पैसा

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications