Zomato Job Cut: फूड और ग्रासरी डिलीवरी करने वाली कंपनी Zomato ने 600 कर्मचारियों को जॉब से निकाल दिया है। कंपनी ने इनमें से कुछ कर्मचारियों को 1 साल के अंदर ही हायर किया था और उन्हें भी नौकरी से हटा दिया है। जोमैटो ने ऐसे समय में ये फैसला लिया है जब फूड डिलीवरी बिजनेस के ग्रोथ में गिरावट देखने को मिल रही है। जोमैटो ने इन कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के पीछे का कारण भी बताया है।

जोमैटो ने इस वजह से नौकरी से कर्मचारियों को निकाला (Zomato employees)
जोमैटो कास्ट कटिंग कर रही है और इस वजह से कंपनी से इन कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है। कंपनी कस्टमर केयर में ऑटोमेशन पर जोर दे रही है और एआई का तेजी से यूज कर रही है। इस कारण से कई लोगों को अपनी जॉब से हाथ धोना पड़ा है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, जोमैटो ने इस मामले पर 26 मार्च को उनके द्वारा दिए गए सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया था। जोमैटो ने पिछले साल ZAAP प्रोग्राम की शुरुआत की थी, जिसके तहत 1500 से ज्यादा कर्मचारियों को इसमें शामिल किया था और एक साल में सेल्स, ऑपरेशन, प्रोग्राम मैनेजमेंट, सप्लाई चेन और कैटेगरी टीमों में प्रमोशन पाने का मौका दिया था।
हालांकि, इसमें अधिकतर कॉन्ट्रैचुअल वर्कर्स का कॉन्ट्रैक्ट खत्म खत्म होने पर कंपनी ने उनका रिन्यू नहीं किया, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी चली जाएगी।
सोशल मीडिया पर कर्मचारी ने किया पोस्ट (Zomato Layoffs)
जोमैटो लेऑफ के बारे में जोमैटो के कर्मचारी ने Reddit पर इसके बारे में बताया कि उसे बिना किसी वर्निंग के जॉब से निकाल दिया गया था। कंपनी ने उसे बाद में अनुचित वजह बताई। उसने लिखा, "आज मुझे जोमैटो से निकाल दिया गया, जिसका कारण मैं केवल हास्यास्पद और अनुचित ही कह सकता हूं। मुझे निकालने का कारण था कि मैंने पिछले तीन महीनों में ऐवरेज केवल 28 मिनट देरी से डिलीवरी की है।" उस व्यक्ति ने कहा कि नौकरी से निकाले जाने वालों में वह अकेला नहीं है - कम से कम 300 अन्य ज़ोमैटो कर्मचारियों को भी अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
उन्होंने ज़ोमैटो को चेतावनी या फीडबैक के बिना कर्मचारियों को नौकरी से निकालने और यहां तक कि अच्छा परफॉर्मेंस करने वाले कर्मचारियों को भी नौकरी से निकालने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "कोई चेतावनी नहीं, सुधार का कोई मौका नहीं - बेहतरीन मेट्रिक्स, शानदार ट्रैक रिकॉर्ड होने के बावजूद कंपनी से निकाल दिया गया।" कर्मचारियों का आरोप है कि कस्टमर केयर को ऑटोमेटेड करने के लिए लिए ज़ोमैटो के प्रयासों के कारण इन पदों पर कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है।
वहीं, एक अन्य कर्मचारी ने पोस्ट करके कहा, "ज़ोमैटो ने हमें करियर ग्रोथ-प्रमोशन, सैलरी हाइक, स्थिरता का वादा किया था। हमने लंबे समय तक काम किया, कड़ी मेहनत की, कंपनी पर भरोसा किया। फिर अचानक, उन्होंने हममें से 500 से ज़्यादा लोगों को नौकरी से निकाल दिया। कोई चेतावनी नहीं। कोई जवाबदेही नहीं। बस एक बात, 'हमने कभी कोई वादा नहीं किया'," उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ ज़ोमैटो का ही नहीं बल्कि सामान्य रूप से कॉर्पोरेट जगत का है, जहां कर्मचारियों के साथ डिस्पोजेबल पार्ट्स की तरह व्यवहार किया जाता है।


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