Swiggy IPO: ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी का आईपीओ जल्द ही मार्केट में लॉन्च होने वाला है. कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल कर दिया है. IPO को लेकर चारों ओर चर्चा है. अब सेक्टर में प्रतिद्वंदी जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल का भी बयान आ गया है. बताते चलें कि भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास स्विगी ने आईपीओ के डॉक्युमेंट्स भरे हैं. दरअसल, कंपनी पब्लिक इश्यू के जरिए 1.25 बिलियन डॉलर जुटाना चाहती है.
स्विगी आईपीओ पर आया दीपिंदर गोयल का बयान
स्विगी आईपीओ पर मनीकंट्रोल के साथ बातचीत में दीपिंदर गोयल ने कहा कि यह सेक्टर के लिए अच्छा है कि कई कंपनियां हैं. लेकिन मैं इससे ज्यादा नहीं जानता हूं. हम पूरी तरह अपने काम पर फोकस कर रहे हैं. बाहर क्या चल रहा हमें अन्य किसी बात की कोई फिक्र नहीं है.
हालांकि, गोयल का यह बयान स्विगी के को-फाउंडर और ग्रुप सीईओ श्रीहर्ष मजेटी के ठीक उलट है. क्योंकि मजेटी ने हाल ही में मनीकंट्रोल से बातचीत में सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी के साथ प्रतिस्पर्धा करने के फायदे और चुनौतियों दोनों को स्वीकार किया. मजेटी ने सार्वजनिक लिस्टिंग के डबल फायदे ओर इशारा किया.

स्विगी की आक्रामक मार्केटिंग स्ट्रैटेजी जैसे किरियलिटी शो शार्क टैंक को 25 करोड़ रुपए में स्पॉन्सर करना, ने प्रतिद्वंद्विता को और बढ़ा दिया है. इस स्ट्रैटेजिक फैसले ने न केवल स्विगी की ब्रांड उपस्थिति को उसके आईपीओ से पहले बढ़ाया, बल्कि गोयल को शो में निवेशक के रूप में भाग लेने से भी दूर रखा.
जोमैटो vs स्विगी का कारोबार
ज़ोमैटो ने हाल ही में प्रॉफिटेबिलिटी का ऐलान किया, जिसका वैल्युएशन 30 बिलियन डॉलर के करीब है. इसे ब्लिंकिट और इसके B2B सेगमेंट, हाइपरप्योर के माध्यम से इंस्टेंट कॉमर्स में सफल प्रयासों से बल मिला है. दूसरी ओर, स्विगी के वित्तीय प्रदर्शन ने ग्रोथ और चुनौतियों का मिश्रण दिखाया है.
वित्त वर्ष 24 में स्विगी ने 36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,247 करोड़ रुपए का राजस्व दर्ज किया, जबकि घाटे में 44 प्रतिशत की कटौती की. हालांकि, वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में बढ़ते खर्चों की वजह से स्विगी के घाटे में 8 फीसदी का अजाफा होगा, जो 611 करोड़ रुपए थी. इसके उलट उसी दौरान जोमैटो की आय 253 करोड़ रुपए के फायदे के साथ 4,206 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.


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