Zomato Gold and Swiggy One Users: फूड डिलीवरी दिग्गज ज़ोमैटो और स्विगी ने अपने लॉयल्टी प्रोग्राम यूजर्स को बड़ा झटका दिया है. क्योंकि ज़ोमैटो गोल्ड और स्विगी वन के लिए 'रेन सरचार्ज' शुरू किया है. इस बदलाव का मतलब है कि यूजर्स को ऑनलाइन ऑर्डर्स पर अब बारिश के मौसम में एक्स्ट्रा पेमेंट करना होगा, जो पहले उनके लिए माफ़ किया गया फीस था.
प्रॉफिट बढ़ाने का प्रेशर
रेन सरचार्ज लागू करने की वजह भी दोनों कंपनियों ने बताई है. दरअसल, उन पर निवेशकों की ओर से मुनाफा बढ़ाने का दबाव है. ज़ोमैटो का ऑपरेशन करने वाली कंपनी इटरनल ने FY2025 की चौथी तिमाही में टैक्स के बाद तिमाही प्रॉफिट (PAT) में 78% की भारी गिरावट दर्ज की है, जो पिछले साल की समान तिमाही के 175 करोड़ रुपए की तुलना में 39 करोड़ रुपए है. इस बीच स्विगी का नेट लॉस 94% से ज्यादा बढ़कर इसी अवधि में 1,081.18 करोड़ रुपए पर पहुंच गया.
प्लैटफॉर्म फीस में इजाफा
हाल के महीनों में दोनों कंपनियों ने प्रति ऑर्डर इनकम बढ़ाने के तरीकों का प्रयोग किया है, जिसमें से एक बदलाव प्लेटफ़ॉर्म चार्ज है, जो 2 रुपए से बढ़कर 10 रुपए प्रति ऑर्डर हो गया है. प्रत्येक के 2 मिलियन से अधिक ऑर्डर की रोजाना डिलीवरी मात्रा को देखते हुए, यह बढ़त प्रत्येक कंपनी के लिए प्रतिदिन 2 करोड़ रुपए एक्स्ट्रा जेनरेट कर सकती है.

दोनों कंपनियों पर फाइनेंशियल प्रेशर मुख्य रूप से इंस्टेंट कमर्शियल एंटरप्राइसेज में निवेश से पैदा हुआ है. जबकि उनके फूड डिलीवरी ऑपरेशन प्रोफिटेबल बने हुए हैं. इन अर्निंग का इस्तेमाल इंस्टेंट कॉमर्स में घाटे की भरपाई के लिए किया जा रहा है. नतीजतन, वे अपनी मुख्य फूड डिलीवरी सर्विसेस से ज्यादा इनकम की तलाश कर रहे हैं.
यूजर्स पर कितना असर?
जोमैटो और स्विगी की ओर से यह नया सरचार्ज ऐसे समय में आया है जब कई यूजर्स पहले से ही खर्चों में कटौती कर रहे हैं. रेन सरचार्ज और बढ़े हुए प्लेटफ़ॉर्म फीस की वजह से अब ग्राहकों को ऑनलाइन फूड के लिए ज्यादा पेमेंट करना होगा. मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक लॉयल्टी मेंबर के लिए पेमेंट करने के बावजूद ज़ोमैटो गोल्ड और स्विगी वन यूजर्स को अब प्रतिकूल मौसम की स्थिति के दौरान नॉन-मेंबर्स की तरह ही कॉस्ट का सामना करना पड़ेगा.


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