1 जुलाई से घटेगी आपकी सैलेरी, लागू होने जा रहा नया रूल

नई दिल्ली, जून 23। 1 जुलाई से आपकी सैलेरी घट सकती है। सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी सरकार 1 जुलाई से वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यवसाय सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की कंडीशन पर चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू कर सकती है। यदि इन श्रम संहिताओं को लागू किया जाता है, तो नये वेतन कोड से कर्मचारियों के काम के घंटे, वेतन, पीएफ योगदान, ग्रेच्युटी और पेड लीव के बदले मिलने वाले पैसे को प्रभावित होगा। हालांकि ये अभी शुरुआती अटकलें हैं। इसलिए जब तक सरकार आधिकारिक तौर पर नियमों को अधिसूचित नहीं करती, तब तक इन चीजों पर कोई बदलाव नहीं होगा।

23 राज्यों में तैयारी

23 राज्यों में तैयारी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 23 राज्यों ने इन कानूनों पर नियमों का मसौदा तैयार करके उसे प्री-पब्लिश किया है। केंद्र ने फरवरी 2021 में इन संहिताओं पर मसौदा नियमों को अंतिम रूप देने की प्रोसेस पहले ही पूरी कर ली है। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया था। इनमें वेतन पर कोड, 2019, 8 अगस्त, 2019 को अधिसूचित किया गया। वहीं औद्योगिक संबंध कोड, 2020, सामाजिक सुरक्षा पर कोड, 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति कोड, 2020 को 29 सितंबर, 2020 को अधिसूचित किया गया।

एक साथ होंगे लागू

एक साथ होंगे लागू

लेबर एक समवर्ती सबजेक्ट है। इसलिए केंद्र सरकार राज्यों से भी इसे एक बार में लागू कराना चाहती है। आपको बता दें कि वेतन पर कोड 2019 पर सरकार की अधिसूचना से टेक-होम सैलेरी यानी इन-हैंड सैलेरी कम कर सकती है। मगर इससे पीएफ और ग्रेच्युटी में वृद्धि हो सकती है।

ये होगा नियम

ये होगा नियम

असल में यह इस बात पर आधारित है कि नए वेतन कोड में उल्लेख किया गया है कि कर्मचारी का मूल वेतन उसकी शुद्ध मासिक सीटीसी का कम से कम 50 प्रतिशत हो। इसलिए, यदि यह नियम लागू होता है, तो इसका मतलब यह होगा कि कर्मचारी अपने शुद्ध मासिक वेतन का 50 प्रतिशत से अधिक भत्ते के रूप में प्राप्त नहीं कर पाएंगे। इसका मतलब साफ है कि कर्मचारी के ग्रेच्युटी और पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन में वृद्धि होगी। कर्मचारियों की टेक होम सैलेरी घटेगी, वहीं ग्रेच्युटी और पीएफ बढ़ सकते हैं।

काम के घंटे बढ़ेंगे

काम के घंटे बढ़ेंगे

अनुमान लगाया जा रहा है कि नया मसौदा कर्मचारियों के काम के घंटों को प्रभावित करेगा। कुछ ऐसी भी रिपोर्ट्स हैं कि कर्मचारियों को हफ्ते में चार दिन काम की सुविधा मिल सकती है, लेकिन उन्हें उन चार दिनों में 12 घंटे काम करना होगा। श्रम मंत्रालय ने साफ किया है कि कर्मचारियों से एक हफ्ते में 48 घंटे काम लिया जा सकेगा।

पेड लीव पर असर

पेड लीव पर असर

पेड लीव (जिन छुट्टियों के बदले पैसे मिलते हैं) के मामलों में बदलाव हो सकता है। सरकारी विभागों में अभी 1 साल में 30 छुट्टियां और रक्षा कर्मचारियों को 1 साल में 60 पेड लीव मिलती हैं। कर्मचारी 300 अवकाश तक कैरी फॉर्वार्ड कर सकते हैं, लेकिन नए कोड में ऐसी छुट्टियों की संख्या 450 तक बढ़ाई जा सकती हैं। वर्तमान में विभिन्न विभागों में 240 से 300 अवकाश हैं। कर्मचारी 20 साल की सेवा के बाद ही ये छुट्टियां नकद में ले सकते हैं।

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