नयी दिल्ली। रिजर्व बैंक की कर्मचारी यूनियनों ने सरकार से 10 लाख रुपये तक के बैंक डिपॉजिट पर इंश्योरेंस कवर की माँग की है। मौजूदा समय में 1 लाख रुपये की ही बैंक में जमा राशि पर कवर मिलता है। बता दें कि किसी बैंक के डूबने पर उसके ग्राहकों को प्रति अकाउंट अधिकतम 1 लाख रुपये ही मिलते हैं, मगर अब इन यूनियनों ने इस राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ा कर 10 लाख रुपये करने की माँग की है। इससे पहले मई 1993 में बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर बढ़ाया गया था। इसे दोबारा बढ़ाने की मांग पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक में सामने आये संकट के बाद की गयी है। अखिल भारतीय रिजर्व बैंक कर्मचारी संघ ने कहा है कि हमने पहले बीमित जमा कवर को कम से कम 10 लाख रुपये तक बढ़ाने का सुझाव दिया था, जिसमें किसी व्यक्ति की सभी तरह की जमा राशि कवर होगी। बैंक कर्मचारी संघ ने अपनी मांग दोहराते हुए सरकार से विचार करने का आग्रह किया है।

क्या है सरकार का रुख
हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले में सरकार का रुख साफ करते हुए कहा था कि सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में ही बैंक डिपॉजिट पर बीमा कवर बढ़ाने के लिए विधेयक पेश करेगी। सीतारमण ने बताया था कि बैंक में जमा राशि पर बीमा कवर को मौजूद 1 लाख रुपये की सीमा से बढ़ाया जायेगा। मगर वित्त मंत्री ने इस बात की घोषणा नहीं की कि इस राशि को कितना बढ़ाया जायेगा। वहीं बैंक कर्मचारी संघ के मुताबिक 10 लाख रुपये की प्रस्तावित कवर राशि करीब 14,000 डॉलर के बराबर है, जो अब भी कई देशों की तुलना में कम है। एसबीआई रिसर्च की हालिया रिपोर्ट के अनुसार 1 लाख रुपये का कवर दुनिया में सबसे कम में से एक है। ब्राजील में यह 42 लाख रुपये और रूस में 12 लाख रुपये है।
जनता को होगा फायदा
गौरतलब है कि वर्तमान में हर बैंक के ग्राहक को उस बैंक की दिवालिा या किसी वजह से उसका लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में उसकी कुल जमा पर ज्यादा से ज्यादा 1 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। यानी किसी के खाते में 1 लाख रुपये या इससे कम हैं तो उसे पूरी रकम मिल जायेगी। मगर यदि यह राशि 1 लाख रुपये से ज्यादा है तो बैंक के डूबने की स्थिति में उसे 1 लाख रुपये ही मिलेंगे। उदाहरण के लिए किसी के 2 लाख रुपये बैंक में जमा हैं और बैंक बंद होने की कगार पर हो तो उसे 1 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि 1 लाख रुपये का सीधा घाटा होगा। यानी बैंक कर्मचारी यूनियन की माँग पूरी होने से आपकी अधिक पूँजी बैंक में सुरक्षित रहेगी।
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