यस बैंक को संभालने की सरकार की कोशिशों के तेज होने के बाद उसे दुनिया की बड़े रेटिंग एजेंसी मूडीज से भी राहत मिली है। मूडीज ने बैंक के आउटलुक में बदलाव करते हुए इसे पॉजिटिव कर दिया है।
नई दिल्ली: यस बैंक को संभालने की सरकार की कोशिशों के तेज होने के बाद उसे दुनिया की बड़े रेटिंग एजेंसी मूडीज से भी राहत मिली है। मूडीज ने बैंक के आउटलुक में बदलाव करते हुए इसे पॉजिटिव कर दिया है। यस बैंक के शेयर आज भी जबर्दस्त तेजी के साथ कारोबार करते देखे जा रहे हैं। बीएसई पर बैंक का शेयर शुरुआती कारोबार में ही करीब 35 फीसदी तक उछल गया और देखते ही देखते तेजी 73 पर्सेंट तक पहुंच गई। जबकि सुबह साढ़े 11 बजे के करीब बैंक का शेयर करीब 54 पर्सेंट की तेजी के साथ 58 रुपये के आसपास ट्रेड करता देखा गया। बैंक में लिवाली बढ़ने की प्रमुख वजह रेटिंग एजेंसी मूडीज द्वारा बढ़ाई गई रेटिंग है।

बता दें कि यह बैंक के शेयर में लगातार तीसरे दिन की तेजी है। पिछले तीन दिन में यस बैंक का शेयर करीब 150 प्रतिशत उछल चुका है। मूडीज ने कहा है कि हम यस बैंक की लंबी अवधिक की विदेशी मुद्रा इश्यू और विदेशी मुद्रा की असुरक्षित एमटीएन प्रोग्राम रेटिंग को बढ़ाकर क्रमश: Caa3 से Caa1 और (P) Caa3 से (P) Caa1 कर रहे हैं।
आज यानी मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान यस बैंक के शेयरों ने 73 फीसदी की छलांग लगाते हुए बीएसई पर64.15 रुपये का भाव हासिल किया। जबकि सोमवार को यह शेयर 37.10 रुपये के भाव पर बंद हुआ था। बीते तीन सत्रों में इस शेयर ने 98 फीसदी तक की तेजी दर्ज की है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई में सात निवेशक यस बैंक में 10,000 करोड़ रुपये निवेश करने जा रहे हैं, जिससे इसकी रेटिंग में सुधार हुआ है। यस बैंक बुधवार शाम 6 बजे से बैंकिंग की तमाम सेवाएं सामान्य रूप से शुरू करने वाला है।
सोमवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो रिजर्व बैंक संकट से जूझ रहे इस बैंक को पूंजी प्रदान करेगा। रिजर्व बैंक ने 5 मार्च को यस बैंक के निदेशक मंडल को बर्खास्त कर अपना प्रशासक नियुक्त किया था। एसबीआई ने 7,250 करोड़ रुपये का निवेश कर इस निजी बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की है। मगर इसके लिए लॉक-इन अवधि सिर्फ 26 फीसदी हिस्सेदारी पर लागू होगी। जानकारी दें कि 18 मार्च से यानि कल से यस बैंक पर लगा मोराटोरियम हट जाएगा। यस बैंक में एसबीआई के अलावा आईसीआईसीआई बैंक ने 1,000 करोड़ रुपये, एचडीएफसी बैंक ने 1,000 करोड़ रुपये, एक्सिस बैंक ने 600 करोड़ रुपये, कोटक महिंद्रा बैंक ने 500 करोड़ रुपये और बंधन बैंक ने 300 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।


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