नई दिल्ली। यस बैंक के डूबने की वजह जैसे-जैसे सामने आ रही हैं, तो चौंकाने वाली जानकारियां मिल रही हैं। प्रियंका गांधी कोई पेंटर नहीं हैं, लेकिन यस बैंक ने उनकी पेंटिंग 2 करोड़ रुपये में खरीदी थी। पेंटिंग की इस बिक्री की बात को कांग्रेस ने भी स्वीकार किया है। वहीं अनिल अंबानी को दिए लोन भी वसूल नहीं हो पाए। यस बैंक के डूबने की यह भी वजह रहा है। ऐसे ही कई अन्य जानकारियां अब सामने आ रही हैं।
कांग्रेस पार्टी ने जारी की सफाई
यस बैंक को लेकर मोदी सरकार को घेर रही कांग्रेस पार्टी अब प्रियंका गांधी और यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर के बीच हुई पेंटिंग 'डील' पर सफाई दे रही है। वहीं बीजेपी हमलावर हो गई है। बीजेपी ने कहा है कि भारत में हर वित्तीय अपराध गांधी परिवार से जुड़ा होता है। यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की गिरफ्तारी के बाद यह जानकारी सामने आई है कि कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की पेटिंग्स को राणा कपूर ने 2 करोड़ रुपये में खरीदा था।
कांग्रेस पार्टी की सफाई
कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका गांधी और राणा कपूर के बीच हुए सौदे को स्वीकार किया है। हालांकि, कांग्रेस ने इसे दोनों के बीच 'लिंक' मानने से इनकार कर रही है। पार्टी नेता राशिद अल्वी ने कहा, 'इससे क्या साबित होता है। अगर प्रियंका गांधी ने कोई चीज बेची है और किसी ने खरीदी है, तो इसमें गलत क्याा है। आखिर अपनी चीज बेचते वक्त खरीददार को देखा नहीं जाता। जो पैसे देता है वह खरीद लेता है। अगर मोदी जी चाहते, तो मोदी जी खरीद लेते। तो क्या आप यह आरोप लगाते कि सारी सरकार प्रियंका गांधी जी चला रही हैं, मोदी जी के जरिए, चूंकि उन्होंने पेटिंग खरीदी है।' हालांकि कांग्रेस यह नहीं बता पाई कि प्रियंका गांधी पेंटिग कब से बेच रही हैं, और किसी किस ने उनकी पेंटिंग कितने में खरीदी हैं।
बीजेपी ने किया जबावी हमला
बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, 'भारत में हर वित्तीय अपराध गांधीज से जुड़ा होता है। माल्या सोनिया गांधी के फ्लाइट टिकट अपग्रेड करता था। एमएमएस (मनमोहन सिंह) और पीसी (पी चिदंबरम) तक पहुंच थी, अब भगोड़ा है। राहुल ने नीरव मोदी के जूलरी कलेक्शन का उद्घाटन किया, उसने डिफॉल्ट किया। राणा ने प्रियंका गांधी की पेंटिंग्स खरीदी।'
अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों ने यस बैंक का नहीं चुकाया लोन
यस बैंक का कर्ज न चुका पाने वाली कंपनियों में रिलाइंस ग्रुप का नाम भी शामिल है। अनिल अंबानी ग्रुप की कई कंपनियों ने लोन को नहीं चुकाया, जिससे यस बैंक की दिक्कतें बढ़ती चली गईं। रिलाइंस इन्फ्राइस्ट्रक्चर और इस ग्रुप की बाकी कंपनियों ने अब तक 13000 करोड़ रुपये नहीं चुकाए हैं।
दिवालिया कंपनियों को लोन देना येस बैंक के लिए भारी साबित हुआ। वदराज सीमेंट जैसी कंपनियां यह लोन नहीं चुका पाईं, और यस बैंक दिक्कत में आ गया।
आईएसएल ग्रुप को भी यस बैंक ने लोन दिया, और बाद में यह ग्रुप लोन नहीं चुका पाया, जिसका खामियाजा यस बैंक को भुगतना पड़ा। यह लोन भी बिना कुछ देखे समझे दिया गया था।
एफएस ग्रुप पर यस बैंक से लिए गए लोन के 2442 करोड़ बकाया हैं, जिन्हें चुकाने में कंपनी नाकाम रही है। इससे भी यस बैंक की दिक्कतें बढ़ीं।
एस्सल ग्रुप ने भी यस बैंक का 3300 करोड़ रुपये का लोन नहीं पटाया, जिससे यह बैंक डूबने की कगार पर आ गया।


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