नयी दिल्ली। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी 19 मार्च को यस बैंक के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। वे ईडी के मुंबई कार्यालय में हाजिर हुए। यस बैंक में हेराफेरी की जांच ईडी ही कर रहा है। वे आज सुबह 9 बजे ईडी के दफ्तर पहुंचे। बता दें कि ईडी ने कई उन बड़े कारोबारियों को समन जारी किया था, जिन्हें यस बैंक के पूर्व चेयरमैन राणा कपूर के कार्यकाल के दौरान लोन इससे लोन मिला था। इनमें एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा, जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल, डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल वाधवान और अवंता रियल्टी के प्रमोटर गौतम थापर शामिल हैं। वहीं राणा कपूर फिलहाल अरेस्ट हैं और उनके खिलाफ जांच चल रही है।

अंबानी की कंपनी यस बैंक की बड़ी देनदार
सूत्रों के हवाले से खबर है कि अंबानी की कंपनी यस बैंक के सबसे बड़े कर्जदारों के साथ-साथ इसकी एनपीए में से एक है। अंबानी की कंपनियों पर 12500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। जहां एक ईडी की पूछताछ के लिए अनिल अंबानी पेश हुए वहीं बाकी कारोबारियों ने विभिन्न कारणों से पेश होने में असमर्थता जताई। डीएचएफएल के कपिल वाधवान ने कोरोनावायरस का डर जताते हुए जांच में शामिल होने में असमर्थता व्यक्त की। ईडी समन के जवाब में इंडियाबुल्स के समीर गहलौत ने कहा कि समन मिलने से पहले वह यूनाइटेड किंगडम के लिए रवाना हो गए थे और यात्रा प्रतिबंध लगने तक वे जांच में शामिल नहीं हो पाएंगे।
क्या बोले सुभाष चंद्रा
वहीं एस्सेल ग्रुप के सुभाष चंद्रा ने ईडी को पत्र लिखकर कहा कि राज्यसभा का सत्र चल रहा है, इसलिए वे उपस्थित नहीं हो पाएंगे। वे राज्य सभा के सदस्य हैं। उन्होंने पहले समन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए ट्वीट किया था। इस बीच आपको बता दें कि यस बैंक पर लग पाबंदियां हटा ली गयी हैं। यस बैंक के ग्राहक अब बैंक से 50000 रुपये से अधिक की रकम भी निकाल सकते हैं।


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