नयी दिल्ली। ग्राहकों को हो रही परेशानियों से राहत देते हुए प्राइवेट लेंडर यस बैंक ने बड़ा ऐलान किया है। बीते शनिवार को यस बैंक ने ऐलान किया कि उसके सिस्टम चालू हैं और ग्राहक अपने डेबिट कार्ड और एटीएम का उपयोग करके पैसे निकाल सकते हैं। यस बैंक ने ट्वीट करके जानकारी दी कि अब उसके ग्राहक अपने डेबिट कार्ड इस्तेमाल करके यस बैंक के अलावा अन्य बैंकों के एटीएम से भी पैसे निकाल सकते हैं। बता दें कि यस बैंक में आये संकट के बाद रिजर्व बैंक ने गुरुवार को यस बैंक से पैसे निकालने की सीमा 50000 रुपये तय कर दी थी। चिकित्सा जरूरतों, उच्च शिक्षा के लिए भुगतान, या शादी के खर्च जैसी आपात स्थितियों के लिए सीमा 5 लाख रुपये तक कर दी गयी थी। ये सीमा अभी भी लागू है।
3 अप्रैल तक जारी रहेगी लिमिट
यस बैंक ने एक ग्राहक को ट्विटर पर जवाब देते हुए कहा है कि 50000 रुपये की तय की गयी निर्धारित सीमा 3 अप्रैल 2020 तक जारी रहेगी। इसके तहत ग्राहक सभी चैनलों और सभी उत्पादों के माध्यम से अधिकतम 50000 रुपये ही निकाल सकेंगे। रिजर्व बैंक ने यस बैंक की हालत में सुधार करने के लिए एक रिस्ट्रक्चरिंग प्लान पेश किया है। प्लान के तहत एसबीआई और एलआईसी यस बैंक की हिस्सेदारी खरीदेंगी। एसबीआई सोमवार तक प्लान की जानकारी देगा। यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए कम से 2,400 करोड़ रुपये की निवेश राशि की जरूरत होगी।
एसबीआई कितना हिस्सा खरीदेगा
एसबीआई यस बैंक में 26 या 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकता है। यह कितना निवेश शामिल है इस बार पर निर्भर है। एसबीआई उन निवेशकों के प्रस्ताव पर भी गौर कर रहा है, जिन्होंने यस बैंक में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर रुचि दिखाई है। आरबीआई की तरफ से पेश की गयी योजना में यस बैंक की अधिकृत पूंजी को 800 करोड़ रुपये से बढ़ा कर 5,000 करोड़ रुपये करना भी शामिल है। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई ने यस बैंक के एसबीआई के साथ विलय न करने का फैसला किया है क्योंकि इससे एसबीआई की बैलेंस शीट पर दबाव पड़ेगा।
पैसा जुटाने की थी तैयारी
यस बैंक का संकट सामने आने से पहले कुछ रिपोर्ट आयी थीं, जिनमें बताया गया था कि यस बैंक धन जुटाने की तैयारी कर रहा है। यस बैंक ने 30-50 करोड़ डॉलर की नई इक्विटी पूंजी जुटाने के लिए म्यूचुअल फंड से संपर्क किया था। यस बैंक का प्लान अपना कैपिटल आधार बढ़ाने के लिए 2 अरब डॉलर जुटाने का था। बता दें कि इस समय यस बैंक के प्रमोटर मधु कपूर, यस कैपिटल और मैग्स फिनवेस्ट के पास बैंक की 8.33 फीसदी हिस्सेदारी है। बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर अपनी पूरी हिस्सेदारी पहले ही बेच चुके हैं। विदेशी निवेशकों के पास 15.17 फीसदी, एलआईसी के पास 8.06 फीसदी और म्यूचुअल फंड्स के पास यस बैंक की 5.09 फीसदी हिस्सेदारी है।
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