Year Ender 2025: साल 2025 कई मायनों में बहुत खास रहा है। जहां एक ओर महंगाई से लोगों को राहत मिली है, वहीं, दूसरी ओर कई सरकारी स्कीम के चलते लोगों के जीवन में अहम बदलाव आए हैं। इसी कड़ी में भारतीय बीमा सेक्टर की बात करें तो यहां पर काफी ट्रेंड्स देखने को मिले हैं। 2025 एक ऐसा साल रहा जब भारतीय बीमा उद्योग ने तेजी से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और ग्रोथ दर्ज की।

कुल बाजार साइज ₹12 बिलियन से बढ़कर ₹50 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान था, जिसमें इंश्योरटेक (Insurtech) और डेमोग्राफिक शिफ्ट्स ने अहम भूमिका निभाई। ऐसे में अब जब 2025 खत्म होने को है तो चलिए जानते हैं कि इंश्योरेंस सेक्टर के लिए कौन से प्रमुख ट्रेंड्स रहे और साथ में यह भी जानेंगे कि कौन-कौनसे इंश्योरेंस को लोगों ने काफी पसंद किया। इसके अलावा इंश्योरेंस खरीदना कितना जरूरी है...
2025 में इश्योरेंस के प्रमुख ट्रेंड्स
डिजिटल और टेक-ड्रिवन इनोवेशन
मोटर इंश्योरेंस में यूसेज-बेस्ड मॉडल्स (UBI) और ऐप-बेस्ड पॉलिसी बिक्री ने इन्फ्लेक्शन पॉइंट हिट किया। लाइफ इंश्योरेंस में पर्सनलाइज्ड पॉलिसी और AI-बेस्ड क्लेम प्रोसेसिंग लोकप्रिय हुए।
हेल्थ इंश्योरेंस का एक्सपैंशन
टियर 2-3 शहरों में हेल्थ पॉलिसी की डिमांड बढ़ी, जहां फैमिली फ्लोटर और हाई कवरेज वाले प्लान्स EMI ऑप्शंस के साथ बिके। SME इंश्योरेंस में 112% ग्रोथ हुई।
लाइफ इंश्योरेंस का रिबाउंड
नई लाइफ पॉलिसी में 60% से ज्यादा बढ़ोतरी, नवंबर में प्रीमियम 23% YoY ऊपर। प्राइवेट इंश्योरर्स ने 22.2% ग्रोथ दिखाई, जबकि LIC ने 10.4%।
रेगुलेटरी शिफ्ट्स
IRDAI ने रिस्क-बेस्ड कैपिटल (RBC) रिजीम लागू किया, जो इंश्योरेंस को ज्यादा रिस्क-ओरिएंटेड बनाएगा। सस्टेनेबिलिटी और हेल्थ-वेलनेस फोकस्ड प्रोडक्ट्स भी ट्रेंडिंग रहे।
मोटर और प्रॉपर्टी इंश्योरेंस
मोटर में 25.6% ग्रोथ, पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) और डिजिटल एक्सेस से बूस्ट।
कौन-सी पॉलिसी लोकप्रिय रहीं?
2025 में कंज्यूमर प्रेफरेंस हेल्थ और लाइफ साइड की ओर शिफ्ट हुई खासकर युवा और मिडिल क्लास में यह देखने को मिली है। LIC ने लाइफ सेगमेंट में लीड किया, जबकि प्राइवेट प्लेयर्स ने ग्रोथ में आगे निकले हैं। 2025 में ये रहीं टॉप पॉपुलर पॉलिसी...
हेल्थ इंश्योरेंस (फैमिली फ्लोटर): सबसे ज्यादा डिमांड, खासकर टियर 2-3 शहरों में। हाई कवरेज (₹10-50 लाख) और EMI पेमेंट ऑप्शन वाली पॉलिसी हिट रहीं। जेन Z और मिलेनियल्स ने डिजिटल वेलनेस बेनिफिट्स वाली चुनीं।
टर्म लाइफ इंश्योरेंस: सस्ती प्रोटेक्शन के लिए पॉपुलर, खासकर नई पॉलिसी में 60% ग्रोथ। वेल्थ क्रिएशन और रिटायरमेंट प्लानिंग के साथ बंडल्ड।
मोटर इंश्योरेंस: डिजिटल UBI मॉडल्स से बूम, खासकर EV वाहनों के लिए।
SME और प्रॉपर्टी इंश्योरेंस: बिजनेस ओनर्स के बीच 112% ग्रोथ, सस्टेनेबिलिटी क्लॉज के साथ।
होल लाइफ/ULIP: प्राइवेट इंश्योरर्स (जैसे HDFC Life, ICICI Pru) ने इनमें इनोवेशन किए, जो टैक्स बेनिफिट्स के लिए चुनी गईं।
अब बीमा खरीदना कितना जरूरी है?
2025 में मेडिकल कॉस्ट्स और इन्फ्लेशन (हेल्थकेयर में 10-15% सालाना) बढ़ने से बीमा खरीदना अत्यंत जरूरी हो गया है। 48% कंज्यूमर्स ने राइजिंग एक्सपेंसेज को ही मुख्य वजह बताया है। तो यहां यह भी जान लेते हैं कि इंश्योरेंस खरीदने के क्या-क्या प्रमुख कारण हो सकते हैं...
फाइनेंशियल प्रोटेक्शन
मेडिकल इमरजेंसी में हॉस्पिटलाइजेशन, ICU और डॉक्टर फीस कवर होती है, जो सेविंग्स को बचाती है। बिना इंश्योरेंस के एक हॉस्पिटल स्टे ₹5-10 लाख तक खर्चा कर सकता है।
टैक्स बेनिफिट्स
सेक्शन 80D (हेल्थ) और 80C (लाइफ) से 25,000-1.5 लाख रुपये तक की सेविंग होती है, खासकर न्यू टैक्स रिजीम के बाद।
पीस ऑफ माइंड और फैमिली सिक्योरिटी
डेट रीपेमेंट, रिटायरमेंट और वेल्थ क्रिएशन सुनिश्चित होती है। जेन Z के लिए कस्टमाइज्ड डिजिटल प्लान्स अवेलेबल हैंं।
राइजिंग रिस्क्स
पॉस्ट-COVID हेल्थ क्राइसिस और क्लाइमेट चेंज से प्रॉपर्टी/हेल्थ रिस्क्स बढ़े हैं। बिना कवरेज के इकॉनमिक शॉक का सामना मुश्किल होता है।
लॉन्ग-टर्म बेनिफिट्स
क्वालिटी केयर एक्सेस, कैशलेस ट्रीटमेंट और इन्फ्लेशन-बीटिंग कवरेज मिलता है।
नोट :- कुल मिलाकर यदि एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर आपका फैमिली साइज बड़ा है या इनकम मीडियम, तो तुरंत हेल्थ और लाइफ पॉलिसी लेना चाहिए। ये न सिर्फ प्रोटेक्ट करती हैं बल्कि इनवेस्टमेंट भी हैं।
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