Year Ender 2025: इस साल महंगाई का कितना रहा असर? जानें खाने-पीने की चीजों से लेकर EMI तक खर्च बढ़ा या घटा

Year Ender 2025: दिसंबर का महीना चल रहा है और इस साल को खत्म होने में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में कुछ चीजों को समझना जरूरी है ताकि आने वाले नए साल में इनके अनुसार प्लानिंग कर सकें जिससे सामान्य जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।

Year Ender 2025 Inflation

अब अगर महंगाई की बात करें तो पूरे साल में बैलेंस देखने को मिला है। 2025 में भारत में महंगाई (इन्फ्लेशन) का असर काफी कम रहा, बल्कि कई क्षेत्रों में कीमतें घटीं, जिससे घरेलू खर्च पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। RBI की रेपो रेट कट्स (कुल 125 bps) की वजह से EMI में कमी आई, जबकि खाने-पीने की चीजों में डिफ्लेशन (नकारात्मक इन्फ्लेशन) ने घरेलू बजट को राहत दी।

चलिए समझने की कोशिश करते हैं कि पूरे साल में महंगाई का कितना रहा असर है और खाने-पीने की चीजों से लेकर EMI तक खर्च बढ़ा है या घटा है।

2025 में महंगाई का कितना असर?

समग्र रिटेल इन्फ्लेशन (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स- CPI)

साल भर में औसतन 1-2% के आसपास रही, जो RBI के 4% टारगेट से काफी नीचे है। अक्टूबर में रिकॉर्ड लो 0.25%, नवंबर में थोड़ा बढ़कर 0.71% रहा।

खाने-पीने की महंगाई (Food Inflation)

ज्यादातर महीनों में नेगेटिव (डिफ्लेशन) रही। नवंबर में -3.91% (सब्जियां, अनाज आदि सस्ते हुए) रहा। जून-जुलाई में -1% से नीचे है। इससे किराने का खर्च घटा, खासकर निचले और मध्यम वर्ग के घरों में।

अन्य खर्च

फ्यूल, हाउसिंग और मिसलेनियस में हल्की बढ़ोतरी (2-4%), लेकिन कुल मिलाकर खर्च पर दबाव कम रहा।

EMI का असर

RBI ने रेपो रेट को 6.50% से घटाकर 5.25% किया (फरवरी, अप्रैल, जून और दिसंबर में कट्स) है। इससे होम लोन, कार लोन आदि की ब्याज दरें घटीं, EMI कम हुई है। उदाहरण के लिए, ₹50 लाख होम लोन (20 साल) पर सालाना ₹1-2 लाख तक की बचत देखने को मिली है। वहीं कार लोन (₹10 लाख, 5 साल) पर मासिक EMI ₹500-1,000 तक कम हुआ। कुल मिलाकर, लोनधारकों का मासिक खर्च घटा है।

घरेलू खर्च पर कुल प्रभाव

  • महंगाई कम होने से पर्चेजिंग पावर बढ़ी - वही पैसों से ज्यादा सामान खरीदा जा सकता है।
  • खाने का खर्च घटने से डिस्पोजेबल इनकम बढ़ी, जो अन्य खर्चों (एंटरटेनमेंट, ट्रैवल आदि) पर लगी है।
  • EMI कम होने से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत - होम/कार लोन सस्ते हुए हैं।
  • RBI का FY26 इन्फ्लेशन अनुमान 2% (कमोडिटी प्राइस और अच्छी फसल की वजह से) है।

नोट :- कुल मिलाकर, 2025 में महंगाई से खर्च नहीं बढ़ा, बल्कि कई क्षेत्रों में कम हुआ, जिससे घरेलू बजट मजबूत हुआ और अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिला है।

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