WPI Inflation September 2023: सितंबर महीने में थोक महंगाई दर बढ़कर -0.26 फीसदी रही है, जो अगस्त के महीने में -0.52 फीसदी रिकॉर्ड रही थी। ये अप्रैल से निरंतर छठा महीना है। जब थोक महंगाई दर नेगेटिव रही है। पिछले वर्ष सितंबर के महीने में थोक महंगाई दर 10.55 फीसदी थी।
नेशनल स्टेटिस्टिकल ऑफिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में फूड आर्टिकल्स की थोक महंगाई दर 10.60 फीसदी से गिरकर 1.54 फीसदी थी। प्राइमरी आर्टिकल्स की महंगाई दर 6.34 फीसदी से गिरकर 3.79 फीसदी रही है।

अगर हम ईंधन और बिजली की थोक महंगाई दर की बात करें तो फिर इंधन और बिजली की थोक महंगाई दर -6.03 फीसदी से बढ़कर -3.35 फीसदी रही है। मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर -2.37 फीसदी से बढ़कर -1.34 फीसदी रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सितंबर महीने में भी थोक महंगाई के निगेटिव रहने के पीछे वजह केमिकल और केमिकल प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल्स, मिनरल ऑयल्स, बेसिक मेटल्स और फूड प्रोडक्ट्स की कीमतों में आई गिरावट है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महीने सब्जियों की कीमतों में काफी गिरावट देखने को मिली है।
अगर हम सितंबर में थोक महंगाई दर साल दर साल के आधार पर देखें तो फूड आर्टिकल्स की थोक महंगाई दर 10.6 फीसदी से गिरकर 3.35 फीसदी रही है। वही, अगर हम प्राइमरी आर्टिकल्स की बात करें तो प्राइमरी आर्टिकल्स की थोक महंगाई दर 6.34 फीसदी से गिरकर 3.70 फीसदी रही।
ईंधन और बिजली की थोक महंगाई दर -6.03 फीसदी से बढ़कर -3.35 फीसदी रही, मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की बात करें तो फिर इसकी थोक महंगाई दर -2.37 फीसदी से बढ़कर -1.34 फीसदी रही। सब्जियों की महंगाई दर 48.39 फीसदी से गिरकर अब 15 फीसदी पर आ गई है।
इसके पहले सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े आए थे, सितंबर में 6.83 फीसदी के मुकाबले महंगाई दर 5.02 फीसदी रही है।
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