WPI Inflation Rate: महंगाई को लेकर जुलाई का महीना राहत भरा रहा. क्योंकि रिटेल महंगाई दर के बाद अब थोक महंगाई दर भी गिर गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक थोक महंगाई दर जुलाई में 2.04% पर आ गई है, जोकि जून में 3.36% पर थी. बता दें कि मई में थोक महंगाई दर 2.61% पर थी, जोकि 15 महीने में सबसे ज्यादा रही थी. थोक महंगाई के आंकड़े 14 अगस्त को कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने जारी किए.
थोक महंगाई के आंकड़े जारी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक थोक महंगाई दर के पॉजिटिव बने रहने की वजह फूड आर्टिकल की कीमतों में इजाफा रहा. साथ ही फूड प्रोडक्ट्स के मैन्युफैक्चर, खाद्य तेल, कच्चे पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस समेत अन्य मैन्युफैक्चरिंग की कीमतें भी बढ़ी. इससे थोक महंगाई दर पॉजिटिव रहा. नतीजतन, मासिक आधार पर WPI इंडेक्स जून के मुकाबले जुलाई में 0.84% पर रहा. बता दें कि अगस्त के लिए थोक महंगाई दर 17 सितंबर 2024 को जारी होंगे.

रिटेल महंगाई दर 5 साल में सबसे कम
थोक महंगाई दर जारी होने से पहले 12 अगस्त को रिटेल महंगाई दर जारी हुए थे, जोकि जुलाई में CPI महंगाई दर 3.54% पर रही. रिटेल महंगाई दर का ये आंकड़ा रिजर्व बैंक के दायरे 4% (+/-2) में है. यह 5 साल में सबसे कम रहा. खाद्य महंगाई दर में गिरावट की वजह से रिटेल महंगाई दर नीचे आया है. जून में रिटेल महंगाई दर 5.08% पर थी. यानी जुलाई में खुदरा महंगाई दर अगस्त 2019 के बाद सबसे कम रहा.
महंगाई पर रिजर्व बैंक का अनुमान
महंगाई को लेकर देश का सेंट्रल बैंक यानी RBI भी एग्रेसिव है. अगस्त पॉलिसी में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरें लगातार 9वीं बार स्थिर रखा था. दरअसल, रिजर्व बैंक का फोकस महंगाई को नीचे लाने पर है. गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि जुलाई से सितंबर की अवधि में महंगाई दर 4.4% के दायरे में रहने की उम्मीद है. अक्टूबर से दिसंबर अवधि के दौरान महंगाई दर 4.7% रहने का अनुमान है.


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