WPI September Data 2025; Wholesale Price Index: देश में महंगाई दर में लगातार कमी देखने को मिल रही है और दिवाली से पहले लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। दरअसल, सितंबर में थोक महंगाई दर कम होकर 0.13 प्रतिशत पर आ गई है, जो कि पिछले महीने या अगस्त में 0.52 प्रतिशत थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार (14 अक्टूबर) को जारी आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति सितंबर में घटकर 0.13 प्रतिशत रह गई, जो अगस्त में 0.52 प्रतिशत थी।

सितंबर में थोक महंगाई दर में यह कमी मुख्य रूप से खाद्य उत्पादों, विनिर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं समेत अन्य परिवहन उपकरणों और वस्त्रों आदि की कीमतों में कमी के चलते देखी गई है।
किस सेक्टर में कितनी महंगाई रही?
सेक्टर वाइज थोक महंगाई को देखें तो खाद्य पदार्थों और गैर-खाद्य पदार्थों की कीमतों में क्रमशः 1.38 प्रतिशत और 1.06 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि खनिजों और कच्चे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस में क्रमशः 1.36 प्रतिशत और 0.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, ईंधन और बिजली समूह, जिसका भार 13.15 प्रतिशत है, सितंबर में 0.14 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ, अधिकांशतः स्थिर रहा। खनिज तेल और कोयले की कीमतों में क्रमशः 0.54 प्रतिशत और 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि बिजली की लागत में 1.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के सबसे बड़े घटक, विनिर्मित उत्पादों में सितंबर में 0.21 प्रतिशत की मामूली वृद्धि देखी गई। विनिर्मित वस्तुओं में, 10 समूहों में कीमतों में वृद्धि देखी गई, जिनमें खाद्य उत्पाद, विद्युत उपकरण, वस्त्र और अधात्विक खनिज उत्पाद शामिल हैं। इस बीच, रबर और प्लास्टिक, मोटर वाहन, फार्मास्यूटिकल्स, चमड़ा उत्पाद, और रिकॉर्डेड मीडिया की छपाई जैसे छह समूहों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
खुदरा महंगाई 8 साल में सबसे कम
बता दें कि बीते दिन सोमवार को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने सीपीआई आधारित खुदरा महंगाई दर के आंकड़ों को जारी किया था। आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित देश की खुदरा महंगाई दर अगस्त के 2.07 प्रतिशत के मुकाबले सितंबर में घटकर यह 1.54 प्रतिशत रही थी, जो जून 2017 के बाद साल-दर-साल सबसे कम है। यानी 8 साल में सबसे कम खुदरा महंगाई दर दर्ज हुई।


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