नई दिल्ली, सितंबर 13। दुनिया में एक से एक अनोखी जगह मौजूद हैं। मगर अकसर अनोखी जगहों के बारे में कम ही लोग जानते हैं। क्या आप दुनिया के सबसे अमीर गांव के बारे में जानते हैं? आपका जवाब नहीं होगा इस बात की संभावना बहुत अधिक है। पर ये दुनिया का सबसे अमीर गांव भारत में है। ये बात आपके लिए और भी हैरान करने वाली हो सकती है। दुनिया का सबसे अमीर गांव भारत के गुजरात राज्य में है।
क्या है दुनिया के सबसे अमीर गांव का नाम
गुजरात के कच्छ में स्थित दुनिया के सबसे अमीर गांव को मधापर के नाम से जाना जाता है। असल में ये गांव कई अनोखी बातें अपने में समेटे हुए है। पर इस गांव की सबसे खास बात यही है कि इसे दुनिया का सबसे अमीर गांव माना जाता है। ऐसा क्यों है ये जानने के लिए आप खबर को अंत तक पढ़ें।
गांव में हैं 17 बैंक
मधापर गांव में जो लोग रहते हैं वे भारत की आधी जनसंख्या से ज्यादा अमीर हैं। इसी कारण इसे दुनिया के सबसे अमीर गांव का दर्जा मिला हुआ है। एक और बात आपको हैरान कर सकती है कि इस गांव में 17 बैंक हैं। वहीं 7600 से ज्यादा घर वाले इस गांव में सभी पक्के मकान हैं।
बैंकों में हजारों करोड़ रु
जो रिपोर्ट्स सामने आई हैं, उनमें दावा किया गया है इस गांव के लोगों के 5000 करोड़ रु बैकों में हैं। ये कोई छोटी रकम नहीं है। गांव के लिहाज से ये काफी बड़ी रकम है।
जिले में कुल 18 गांव
गुजरात में एक जिला है कच्छ, इसमें कुल 18 गांव मौजूद हैं। इन्हीं में से एक है मधापर। इस गांव के हर शख्स के बैंक खाते में 15 लाख रुपये हैं। ये बात भी काफी यूनीक है। गांव में कई सुविधाएं हैं। इनमें बैंक के अलावा अस्पताल, झील, पार्क और मंदिर शामिल हैं। मधापर में गौशाला भी मौजूद है।
स्कूल-कॉलेज और अस्पताल
ये गांव स्कूल-कॉलेज और अस्पताल के साथ बेहतर सुविधा वाला है। गांव के लोग अधिकतर विदेशों में नौकरी करते हैं। फिर कुछ लोगों ने विदेशों में जॉब करने का बाद वापस लौट कर गांव में अपना बिजनेस शुरू किया। इससे गांव ने खूब तरक्की की और लोगों के पास पैसा आया।
65 प्रतिशत लोग एनआरआई
रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया के इस सबसे अमीर गांव में 65 प्रतिशत लोग एनआरआई हैं। यानी इतने लोग विदेशों में रह रहे हैं। यही लोग अपने परिवारों को काफी पैसा भेजते हैं और यही इस गांव के अमीर होने की असल वजह है।
लंदन से है खास ताल्लुक
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस गांव का लंदन से एक खास ताल्लुक है। लंदन में 54 साल पहले 1968 में मधापर विलेज एसोसिएशन बना गया था। लंदन में इस गांव के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। इसीलिए संगठन को बनाया गया। गांव के लोगों को एक दूसरे से जोड़ने के लिए एसोसिएशन तैयार हुई। इस गांव के लोग बड़ी संख्या में विदेशों में हैं। यहां के लोगों के खातों में 15-15 लाख रुपये हैं।


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