World Gold Council : भारत में गोल्ड की डिमांड में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल-जून तिमाही में घरेलू मार्केट की रिकॉर्ड हाई कीमतों के वजह से गोल्ड की प्राइस 7 फीसदी घटकर 158.1 टन रह गई। यह जानकारी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) ने दी है।
मंगलवार को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में डब्ल्यूजीसी ने कहा है कि स्टॉकिंग के वजह से वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही के दौरान गोल्ड का इंपोर्ट 1 वर्ष पहले की समय की तुलना में 16 फीसदी बढ़कर 209 टन हो गया।

इसमें कहा गया है कि वर्ष 2023 की पहली तिमाही में 271 टन की मांग के अनुमान के साथ 2023 में पूरे वर्ष की गोल्ड की मांग 650-750 टन के बीच हो सकती है।
मी़डिया रिपोर्टस् के अनुसार, डब्ल्यूजीसी इंडिया के क्षेत्रीय सीईओ सोमसुंदरम की तरफ से कहा गया है कि दूसरी तिमाही में गोल्ड की डिमांड में 7 प्रतिशत की गिरावट गोल्ड की मौजूदा रिकॉर्ड हाई कीमतों के वजह से है।
पीली धातु की कीमतों में काफी कम व्यक्त में तेजी के साथ का उछाल आया और यह 64 हजार रु प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। सोमसुंदरम की तरफ से कहा गया है कि इसके अलावा भारत में समग्र कर अनुपालन के वजह से कुछ डिमांड में कमी आई है।
डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में गोल्ड की डिमांड इस साल की दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत घटकर 158.1 टन रह गई, जो एक वर्ष पहले की अवधि में 170.7 टन थी।
मूल्य के संदर्भ में, देश की दूसरी तिमाही में गोल्ड की डिमांड 82 हजार 530 करोड़ रुपये थी। यह एक वर्ष पहले की तुलना से 4 प्रतिशत अधिक है।
गोल्ड की कुल डिमांड में से आभूषण की डिमांड इस वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान 8 प्रतिशत घटकर 128.6 टन रह गई। रिपोर्टस् के अनुसार, 18 कैरेट के सोने के आभूषणों में तेजी जारी रही, क्योंकि उपभोक्ता इन उत्पादों की सामर्थ्य से आकर्षित हुए।


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