Investment In 2024: एक्सपर्ट्स की मानें तो साल 2024 दुनिया भर के इन्वेस्टरdm के लिए काफी कठिन नजर आ रहा है। इसमें केंद्रीय बैंक के फैसले के साथ आर्थिक मंदी की संभावनाओं का खतरा भी शामिल है। इसके बाद भारत में लोकसभा चुनाव फिर अमेरिका में चुनाव का भी मार्केट पर काफी असर पड़ सकता है, यही कारण है कि साल 2024 निवेशकों के लिए थोड़ा कठिन हो सकता है। आपको बताते चले कि आज हम इस आर्टिकल में इसी बात की जानकारी देने जा रहे हैं कि दुनिया के बड़े इन्वेस्टर इस बार कहां पैसे इन्वेस्ट कर रहे हैं।
आपको बताते चले कि इन सभी बातों का असर उसके फंड मैनेजर्स के इन्वेस्टमेंट के डिसीजन पर पड़ रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एक मीडिया फर्म ने कुछ बड़े और मुख्यइ न्वेस्टमेंट फॉर्म के अधिकारियों से बातचीत की है कि वह 2024 में अपना पैसा कहां लगाने की योजना बना रहे हैं।

अभी प्रमुख इन्वेस्टर की माने तो अर्थव्यवस्था में आई हुई सुस्ती की वजह से बाजारों पर दबाव बन रहा है। और यही कारण है कि बाजार में इतनी गिरावट की वजह से सभी इन्वेस्टर लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के नजरिए से खरीदारी के मौके देखने में लगे हुए हैं।
जीआईसी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जैफ्री जैनसुभाकिज ने बताया है कि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की वजह से कॉरपोरेट फाइनेंस पर दबाव बना रहेगा। जियो पॉलिटिकल उठा पटक की वजह से कंपनियों को काफी खतरा बना हुआ है, इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आ जाने से भी कई कंपनियांके बड़ी दिक्कत पैदा हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे में जिन बिजनेस को कैपिटल की जरूरत होगी उन्हेंलोन देने के लिए फाइनेंस कंपनी के पास बेहतर मौके रहेंगे।
वहीं रियल एस्टेट सेक्टर में लॉजिस्टिक्स, हॉस्टल और हॉस्पिटैलिटी में फंडामेंटल्स में इन्वेस्टमेंट की जबरदस्त और मजबूत डिमांड दिख रही है। इसके अलावा क्लाइमेट चेंज का जोखिम भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा क्लाइमेट चेंज के रिस्क को देखते हुए सिंगापुर में मौजूद जीआईसी एनर्जी ट्रांजिशन वाली कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने पर फोकस कर रही है।
पिक्टेट वेल्थ मैनेजमेंट के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और चीफ इन्वेस्टर सेसर पेरेज रुइज के अनुसार इस दौरान उन सेक्टर में पैसे डालना बेहतर होगा जो एनर्जी डिपेंडेंट और क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि बदलते हुए जलवायु से निपटने के लिए इन कंपनी द्वारा उठाए गए कदम काफी काम आ सकते हैं और इसलिए इनमें इन्वेस्टमेंट करना फायदे का सौदा हो सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि लगभग हर जगह के इन्वेस्टमेंट ऑफिसर्स ऐसी जगह पर पैसा लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां पर लॉन्ग टर्म की ग्रोथ मिल सके। इसमें आउटसोर्स किए गए फार्मास्यूटिकल सर्विस प्रोवाइडर से लेकर लॉन्ग टर्म अमेरिकन ट्रेजरी बॉन्ड और प्राइवेट क्रेडिट डील्स के साथ सिंगापुर से स्विट्जरलैंड के मुख्य निवेशक सभी इस बात को लेकर परेशान है।
पिक्टेट वेल्थ मैनेजमेंट ने श्नाइडर इलेक्ट्रिक एसई का हवाला देते हुए कहा कि ये डिजिटाइज कर रहे हैं और इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश भी कर रहे हैं और इनमें इन्वेस्टमेंट करना बेहतर विकल्प हो सकता है। पिक्टेट अधिकारी के अनुसार वह चीन में जारी अस्थिरता को लेकर काफी सतर्क है और उनका कहना है कि वह चीन के अलावा बाकी कहीं भी इन्वेस्टमेंट करना ज्यादा पसंद करेंगे। उनके हिसाब से जापान के साथ यूरोपियन मार्केट इन्वेस्टमेंट के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इन देशों में रोबोटिक, डिजिटल सर्विस, कंजप्शन और एंटरटेनमेंट से जुड़ी कंपनियों में इन्वेस्टमेंट के कई मौके दिखाई दे रहे हैं।


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