
World Bank reduced India's GDP estimate: वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर अनुमान घटा दिया है। वर्ल्ड बैंक ने जीडीपी बढ़ने का अनुमान घटाकर 6.3 फीसदी कर दिया है। भारत की जीडीपी का यह अनुमान वर्ल्ड बैंक के पहले के अनुमान से 0.3 फीसदी कम है। विश्व बैंक ने पहले चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी का अनुमान 6.6 फीसदी जताया था।
वर्ल्ड बैंक की तरफ से जारी ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट में भारत की आर्थिक वृद्धि दर से जुड़ी संभावनाओं को लेकर अनुमान जताया गया है। विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी बढ़ने के अनुमान को कम करने की कई वजह बताईं हैं।
वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि आर्थिक विकास उच्च महंगाई दर से प्रभावित हो रही है। बढ़ती महंगाई की वजह से निजी खपत में आई कमी दर्ज हो रही है। इसके अलावा फिस्कल कॉन्सॉलिडेशन की वजह से सरकारी खर्च के भी प्रभावित होने की आशंका है।
वहीं, वर्ल्ड बैंक का कहना है कि सरकार के रिफॉर्म और महंगाई दर के वापस टॉलरेंस लेवल पर आने के कारण वित्त वर्ष 2025-26 से भारत की ग्रोथ की रफ्तार एक बार फिर से तेजी पकड़ सकती है।
वर्ल्ड बैंक का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी बढ़ने की रफ्तार में थोड़ी कमी आने के बावजूद भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक वृद्धि दर हासिल करने वाला देश बना रहेगा।
विश्व बैंक के मुताबिक, निजी खपत और इंवेस्टमेंट में अप्रत्याशित लचीलता और सर्विसेज सेक्टर में ठोस ग्रोथ से भारत ने 2023 में मजबूत आर्थिक वृद्धि हासिल की है। वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 फीसदी रह सकती है।
वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी की तेजी से बढ़ी है। यह 2021-22 के 9.1 फीसदी की तुलना में कम है, लेकिन भारत ने 7 फीसदी से ज्यादा की आर्थिक वृद्धि दर ऐसे समय में हासिल की जब कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मंदी के साये में हैं।


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