नई दिल्ली, अगस्त 10। दिग्गज अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल के लिए कर्मचारियों के एक बुरी खबर है। दरअसल उनकी सैलेरी में कटौती हो सकती है। यदि वे स्थाई तौर पर घर से काम करने का ऑप्शन चुनते हैं तो उनकी सैलेरी में कटौती की जा सकती है। यह सिलिकॉन वैली में हो रहा एक प्रयोग है, जो अक्सर अन्य बड़े एम्प्लोयर के लिए ट्रेंड निर्धारित करता है। दरअसल गूगल को देख कर बाकी कंपनियां भी ऐसा ही कर सकती हैं। गूगल अपने उन कर्मचारियों की सैलेरी कम कर सकती है, जो स्थाई तौर पर घर से काम करना चाहते हैं।

फेसबुक और ट्विटर भी काटती हैं सैलेरी
फेसबुक और ट्विटर भी उन कर्मचारियों की सैलेरी कम कर देती हैं, जो दूरदराज के इलाकों में रहते हुए कम खर्चीले क्षेत्रों में रहने चले जाते हैं। वहीं रेडिट और ज़िलो सहित छोटी कंपनियों ने भर्ती, रिटेंशन और डाइवर्सिटी के फायदों का हवाला देते हुए लोकेशन-एग्नॉस्टिक वेतन मॉडल अपना लिया है। गूगल के सैलेरी काटने की बात एक कंपनी वेतन कैलकुलेटर के अनुसार है, जिसे रॉयटर्स ने देखा है।
कैसा है ये कैलकुलेटर
गूगल अपने कर्मचारियों को एक कैलकुलेटर ऑफर करती है, जिससे वे ये देख सकते हैं कि अगर वे किसी नई जगह शिफ्ट करते हैं तो उनकी सैलेरी पर क्या असर पड़ेगा। गूगल के नये फैसले से उन लोगों पर ज्यादा असर पड़ेगा, जो लंबा सफर करके ऑफिस आते हैं। गूगल के एक प्रवक्ता के अनुसार हमारी तरफ से पेश किए जाने वाले सैलेरी पैकेज हमेशा लोकेशन के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं और हम हमेशा कर्मचारी काम कहां से करते हैं, इस बात को आधार मानते हुए लोकल मार्केट के हिसाब से सर्वाधिक सैलेरी देते हैं।
वर्क लोकेशन टूल
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक गूगल कर्मचारी, जिसने अपनी पहचान न बताने के लिए कहा, आमतौर पर पास के काउंटी से सिएटल ऑफिस में आता है। मगर अब घर से फुल टाइम काम करने पर उसे अपनी सैलेरी में लगभग 10% की कटौती हो सकती है। ये उसने वर्क लोकेशन टूल में देखी, जिसे कंपनी ने जून में लॉन्च किया था।


Click it and Unblock the Notifications